भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने देश की सीमाओं की सुरक्षा पर बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यदि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो सीमाओं को सील कर दिया जाएगा। गडकरी ने भाजयुमो की ओर से गुवाहाटी से अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक की शहीद श्रद्धांजलि यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर आयोजित समारोह में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि चार देशों से घिरा इस्राइल अपनी सीमाएं सील कर सकता है तो भारत जैसा देश क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि दूसरे देश वीजा नियमों को इतना सख्त किए हुए हैं कि उनके यहां कानूनी तौर पर जाना मुश्किल होता है, लेकिन भारत की सीमा पूरी तरह खुली है, जहां से कोई भी कहीं से घुस सकता है।
गडकरी ने सीमा से घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सीमा की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए न कि वोट बैंक की राजनीति। उन्होंने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि महज वोट की खातिर एक समुदाय विशेष को मताधिकार देना उसकी धर्मनिरपेक्षता नहीं हो सकती। उन्होंने पूर्वोत्तर में पिछले दिनों हुई हिंसा की घटनाओं को बांग्लादेशी घुसपैठियों का काम बताया। गडकरी ने कहा कि कांग्रेस वोट की खातिर बांग्लादेशियों को एफडीआई की तरह इस्तेमाल करती है।
गडकरी एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं : पवार
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने जमीन घोटाले के आरोपों में घिरे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी का जमकर बचाव किया। एनसीपी सुप्रीमो ने कहा कि गडकरी एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और वह किसानों के विकास के लिए काम करते हैं। पवार ने टीम केजरीवाल को सलाह भी दे डाली कि यदि उनके पास गडकरी के खिलाफ कोई सुबूत हैं तो वह कोर्ट जाएं।
एक चैनल से बातचीत कर रहे पवार ने साफ कहा कि उन्हें भाजपा अध्यक्ष का बचाव करने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि पवार ने गडकरी के साथ अपने कारोबारी रिश्ते होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पहले तो मेरा गडकरी के साथ कोई कारोबार नहीं है। फिर यदि कोई ऐसा साबित कर देता है तो मैं खुशी खुशी अपना वह कारोबार उसे सौंप दूंगा।