कांग्रेस ने अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के करिश्मे को चमकाने की शुरुआत कर दी है। राहुल के नेतृत्व में 2014 की चुनावी जंग जीतने की कोशिश को कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के के बाद तेज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बनाकर कांग्रेस ने राहुल गांधी का जमकर बचाव किया है। पार्टी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक है।
राहुल गांधी पर लगे आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जरिए कांग्रेस ने गांधी परिवार पर लग रहे राजनीतिक आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। पार्टी महासचिव और मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस 125-126 साल से जीवित है और उसने कभी किसी के खिलाफ घटिया और घिनौने हथियार का इस्तेमाल नहीं किया।
कांग्रेस समाज की तस्वीर है। इतिहास गवाह है जिन्होंने भी ऐसे व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं, वे समाप्त हो गए हैं। द्विवेदी ने कहा कि राहुल गांधी की छवि खराब करने की कोशिश की गई है और उन पर झूठे आरोप लगाए गए। इसका सुबूत सुप्रीम कोर्ट ने आज दे दिया है। उन्होंने कहा कि निराधार आरोप राजनीति और लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं।
इससे पहले बुधवार को जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने हरियाणा में एक जमीन के सौदे में राहुल गांधी पर कम स्टांप ड्यूटी चुकाने का आरोप ठोका था तो कांग्रेस ने इसका करारा जवाब दिया था। कांग्रेस ने कहा है कि चौटाला को ऐसे आधारहीन आरोप लगाने से पहले खुद के गिरेबां में झांकना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा था कि चौटाला को पहले अपने बेटों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। उसके बाद दूसरों पर अंगुली उठानी चाहिए। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से राहुल गांधी के खिलाफ आरोप लगाने की शुरुआत हो रही है, उसे देखते हुए पार्टी को सतर्क रहना जरूरी हो गया है। अगर यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो 2014 की कांग्रेस की चुनावी योजना के लिए यह बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पार्टी देशभर में मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी।