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सेना प्रमुख की दो टूक, युद्ध के लिए तैयार रहे भारत

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सीमा पर शांति नहीं है। लिहाजा सेना को छोटे और त्वरित युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत है। सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आगाह किया है कि नए हालात में छोटे युद्ध के लिए दुश्मन की ओर से चेतावनी का वक्त कम मिलेगा। इसलिए जरूरी है कि सेना हर वक्त तैयार रहे।
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सीमा पर पाकिस्तान के साथ जारी मौजूदा तनाव और सीजफायर के लगातार उल्लंघन के मद्देनजर सेना प्रमुख का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध की स्वर्ण जयंती पर सेना के तीनों अंगों के समारोह में जनरल दलबीर सिंह ने कहा कि सीमा पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन और घुसपैठ की घटनाओं ने हालात को नाजुक बना रखा है। सेना प्रमुख के मुताबिक, भविष्य के युद्ध के लिए सेना को हर वक्त युद्ध की मानसिकता और तैयारी में रहने की जरूरत है।
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कहा, जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए नए हथकंडे अपना रहा पाक

जनरल दलबीर ने पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन को गंभीर बताते हुए कहा कि अब यह सेना की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।

जनरल दलबीर सिंह ने कहा कि अब सेना के लिए खतरे और चुनौतियां पहले से ज्यादा जटिल हो गई हैं। इसलिए सेना ने पिछले कुछ सालों में अपने कार्यकलापों की तीव्रता काफी बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए अक्सर नए हथकंडे इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जनरल ने कहा कि हाल के आतंकी हमलों से साफ है कि आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर के बाहर भी ले जाने की कोशिश की जा रही है।

1965 युद्ध की चर्चा करते हुए दलबीर सिंह ने कहा कि वह लड़ाई इंसानी साहस, सैनिकों की महानता और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उस युद्ध में खासतौर पर थल सेना ने पूरी पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान को बड़ा नुकसान पहुंचाया था।

उस युद्ध ने भारत के प्रति सभी नकारात्मक मिथक को खत्म कर सेना में विश्वास जगाया। उस बने हालात ने छह साल बाद 1971 के युद्ध में शानदार विजय की जमीन तैयार कर दी थी।

सेना प्रमुख ने उस युद्ध में आम जनता के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह युद्ध इस बात का भी उदाहरण है कि नाजुक दौर में सेना के लिए आम नागरिक की मदद कितनी अहम होती है।

परिकर ने की शास्त्री की प्रशंसा
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने 1965 के युद्ध के समय प्रधानमंत्री रहे स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की। इस मौके पर जनरल दलबीर सिंह ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने हर स्तर पर मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया था।

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