पाकिस्तान की जेलों में बंद 54 भारतीय युद्धबंदियों के बारे में किसी तरह की जानकारी देने में असहाय केंद्र सरकार का मानना है कि इन सभी की मौत हो गई है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सवाल के जवाब में यह बात कही है। शीर्ष अदालत ने इन युद्धबंदियों की स्थिति के बारे में पूछा था।
अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या 54 युद्धबंदी अभी जिंदा हैं। सरकार इस बारे में क्या सोचती है। इस पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि हमें इस बारे में जानकारी नहीं है।
हमारा मानना है कि इन सभी की मौत हो गई होगी क्योंकि पाकिस्तान इन लोगों के कैद में होने की बात से इनकार कर रहा है। इस पर अदालत ने सरकार को इन युद्धबंदियों के आश्रितों को वेतन और सेवानिवृत्ति सुविधाएं देने के लिए कहा। जवाब में सरकार ने कहा कि सभी सुविधाएं दी जा चुकी हैं।