फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दसवीं को फिर से बोर्ड करेगी नरेंद्र मोदी सरकार!

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय दसवीं बोर्ड को वापस लाने के विकल्प पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन


हालांकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने कहा कि इस संबंध में सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। लेकिन कहा जा रहा है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी इस प्रस्ताव को केंद्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड की अगली बैठक में रख सकती हैं।

अगले एक-दो महीने में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों से इस संबंध में विचार विमर्श किया जा सकता है। अगर दसवीं बोर्ड की फिर से वापसी होती है तो देश की शिक्षा नीति के बदलाव के तहत यह सबसे बड़ा कदम होगा।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि स्मृति ईरानी ने इस संबंध में दसवीं कक्षा के छात्रों के साथ बातचीत की थी। बातचीत में कई छात्रों ने बोर्ड को वापस लाने की मांग की थी।
Trending Videos
विज्ञापन

केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की बैठक जल्द

गौरतलब है कि यूपीए दो सरकार में तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने 2011 में दसवीं बोर्ड की अनिवार्यता खत्म कर परीक्षा को वैकल्पिक कर दिया था।

इस प्रणाली के तहत अंक की जगह छात्रों को ग्रेड दिए जाने लगे। ग्रेडिंग सिस्टम को लागू करने के पीछे छात्रों पर शिक्षा का दबाव कम करने को मकसद बताया गया था।

बता दें कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद यूपीए सरकार के समय हुई निर्णयों की समीक्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। सबसे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को तीन वर्ष का किया गया।

उसके बाद केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के तौर पर पढ़ाई जाने वाली जर्मन भाषा को हटाया गया। कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णयों की आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को खुश करने के लिए मोदी सरकार ऐसा कर रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें