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आंध्र प्रदेश के विभाजन का रोडमैप तैयार

Sat, 12 Oct 2013 03:33 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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आंध्र प्रदेश के बंटवारे पर आगे बढ़ रही केंद्र सरकार ने राज्य के विभाजन का रोडमैप तैयार कर दिया है।
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शुक्रवार को मंत्रिमंडल समूह की बैठक में सभी मंत्रियों को विभाजन से संबंधित सभी क्षेत्रों और विभागों के विभाजन का काम दिया गया है। सभी मंत्रियों को अगली बैठक यानी 19 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को हैदराबाद और कानून व्यवस्था, वित्त मंत्री पी चिदंबरम को वित्तीय और संपत्ति व देनदारी के विभाजन और रक्षामंत्री ए के एंटनी को राज्य की सीमाओं, विधानसभा और लोकसभा सीट के विभाजन के बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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इसी तरह कार्मिक मामलों के राज्यमंत्री नारायण सामी को दोनों राज्यों में सरकारी कर्मचारी के बंटवारे, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को जल संसाधन, पिछड़े क्षेत्रों से संबंधित बंटवारे को लेकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

जबकि पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली कानून मामले तो स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों के बंटवारे का काम देखेंगे।

तेलंगाना गठन के फैसले पर अडिग केंद्र सरकार की ओर से गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने शुक्रवार को पहली बैठक की।

दोनों राज्यों के संसाधन बंटवारे संबंधी शुरुआती बातचीत के बाद जीओएम ने आंध्र प्रदेश के लोगों से वादा किया कि उनकी सभी आकांक्षाओं व हितों का पूरी निष्पक्षता से ध्यान रखा जाएगा।

जीओएम की 19 तारीख को होने वाली अगली बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तार के विचार होगा। पहली बैठक में जीओएम के दो अहम सदस्य रक्षा मंत्री एके एंटनी और वित्त मंत्री पी चिदंबरम मौजूद नहीं हो सके।

एंटनी अस्वस्थ हैं और चिदंबरम विदेश यात्रा पर हैं। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पृथक राज्यों के गठन संबंधी आधारभूत मापदंड पर बातचीत हुई।

जीओएम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह समूह दोनों राज्यों से जु़ड़े हरेक पक्ष (स्टेकहोल्डर) के लोगों से बातचीत की जाएगी।

बैठक के बाद सदस्य व स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह जीओएम किसी तय समय सीमा में काम नहीं कर रही। सरकार का फैसला है कि जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
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जीओएम अगर चाहे तो किसी अन्य मंत्री को भी इस समूह में विशेष रुप से आमंत्रित कर शामिल कर सकता है। इस जीओएम ने संबंधित मंत्रियों और अफसरशाहों को चिन्हित कर उन्हें समझौते से मसौदे संबंधी कागजात तैयार करने का निर्देश दिया। यह मंत्री और अधिकारी अपनी स्टेटस रिपोर्ट जीओएम की अगली बैठक में पेश करेंगे।
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