चलती बस में गैंगरेप की घटना से पूरा देश शर्मसार है, लेकिन दरिंदों की नजर में न तो शर्म है और न तो हया। उनकी नजरों से अब भी दरिंदगी टपकती है और वे इसी फिराक में लगे हैं कि कब-कहां किसी बेटी को अपनी बदनीयती का शिकार बनाने का मौका मिल जाए। शनिवार की रात दिल्ली में एक कलस्टर बस (डीएल1पीसी 4793) में एक सोलह वर्षीय लड़की से छेड़छाड़ की गई।
किस्मत अच्छी थी कि बस का ड्राइवरपिकेट पर रास्ता पूछने के लिए रुका और पुलिस की नजर बस में रोती-बिलखती किशोरी पर पड़ गई। बाराखंभा पुलिस ने आरोपी कंडक्टर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वह दूसरे बस का कंडक्टर था और घर जा रहा था। पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को भी हिरासत में ले लिया। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अदालत ने आरोपी को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
नई दिल्ली जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केसी द्विवेदी ने बताया कि किशोरी ख्याला के रघुवीर नगर की रहने वाली है। माता-पिता से झगड़ा होने पर वह शनिवार रात 9:30 बजे घर से निकल गई। वह लाजपत नगर स्थित अनाथ आश्रम जाना चाहती थी। इसलिए वह ख्याला से (जल विहार) लाजपत नगर की ओर जाने वाली डीटीसी रूट संख्या 410 की कलस्टर बस में सवार हो गई। उस समय बस में 10-12 सवारियां थीं। शंकर रोड तक किशोरी को छोड़कर सभी सवारियां बस से उतर गईं। उस समय बस में ड्राइवर प्रह्लाद सिंह, कंडक्टर तेजवीर और एक अन्य बस का कंडक्टर रंजीत सिंह थे।
किशोरी ने बताया कि रंजीत बस में ही शराब पीने लगा और बाद में उसके पास आकर बैठ गया। आरोप है कि रंजीत ने उसके साथ अश्लील हरकत की। उसने लड़की पर शादी करने का दबाव डाला। इससे घबराई किशोरी ने ड्राइवर से बस से उतारने के लिए कहा, लेकिन तेजवीर ने रंजीत को समझा-बुझाकर वहां से हट जाने के लिए कहा। इसके बावजूद उसने किशोरी से छेड़छाड़ जारी रखी।
मेट्रो के निर्माण कार्य की वजह से रूट डायवर्ट था, जिससे ड्राइवर रास्ता भूल गया। 11:45 बजे फिक्की ऑडिटोरियम के पास पहुंच कर उसने पिकेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रास्ता पूछा। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बस में रोती हुई किशोरी पर पड़ी। पूछने पर उसने छेड़छाड़ की बात बताई। बस को तुरंत जब्त कर बाराखंभा थाना लाया गया। पुलिस ने आरोपी कंडक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उधर, देर रात किशोरी के वापस नहीं आने पर उसके परिजनों ने ख्याला थाने में अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया।
सौतेली मां से हुआ था झगड़ा
जांच में पता चला कि पीड़ित किशोरी की मां की मौत हो चुकी है। परिवार में एक बड़ा व एक छोटा भाई हैं। मां की मौत के बाद उसकी सौतेली मां उसे प्रताड़ित करती थी। शनिवार रात किसी बात पर किशोरी का सौतेली मां से झगड़ा हो गया। पिता ने भी मां का पक्ष लिया। इसके बाद किशोरी घर छोड़कर लाजपत नगर के लिए निकल गई।
मोती नगर से चढ़ा था आरोपी कंडक्टर
आरोपी रंजीत सिंह मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। वह पालम के साध नगर में रहता है। रूट संख्या 410 की एक अन्य कलस्टर बस में कंडक्टर रंजीत की रात 10 बजे ड्यूटी खत्म हुई थी। घर जाने के लिए वह मोतीनगर में बस में सवार हुआ।
पुलिस को देख पहुंचे प्रदर्शनकारी
गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जंतर -मंतर पर पहुंचे लोग रात में घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर तानसेन मार्ग पर कलस्टर बस पर पड़ी। वहां पुलिसकर्मी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी सुयश ने बताया कि एक किशोरी रो रही थी। पूछताछ पर पता चला कि बस में मौजूद कंडक्टर ने उससे छेड़छाड़ की। आरोपी कंडक्टर नशे में था। उनके मुताबिक पुलिस उन सबको बाराखंभा थाने ले गई।