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सावधान! आपका बच्चा रेप गेम्स तो नहीं खेल रहा

Mon, 31 Dec 2012 08:31 AM IST
चंदन जायसवाल/नई दिल्ली
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यह खबर हर उस पेरेंट्स के लिए दस्तक है जिसके घर में बच्चे हैं और वो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए घर में कम्प्यूटर और इंटरनेट के साथ-साथ वीडियो गेम भी उपलब्ध करा रखा है।
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दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप केस के बाद जहां एक ओर पूरे देश में इसके लिए सख्त सजा की मांग हो रही है वहीं इस लड़ाई में एक सबसे बड़ी चुनौती साइबर वर्ल्ड से भी आ रही है।

इस समय इंटरनेट पर सेक्स और रेप से जुड़े गेम्स का भंडार है जो आसानी से और मुफ्त में डाउनलोड किये जा सकते हैं। कई गेम्स तो खिलाड़ी को रेप करने पर प्वाइंट भी देते हैं। सबसे खौफनाक बात ये है कि इस तरह के गेम अब दिल्ली के पालिका बाजार में भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के गेम्स से बच्चों के ऊपर काफी खतरनाक असर होता है। इंटरनेट पर सेक्स और वायलेंस से जुड़े़ गेम्स अब तो मोबाइल फोन पर भी आसानी से डाउनलोड किये जा सकते हैं। ऐसे में बच्चों के लिए इन खेलों तक पहुंचना बेहद आसान है। ये खतरा तब और बड़ा हो जाता है जब बच्चा इस तरह के खेल को असली जिंदगी से जोड़ने लगता है।

कुछ दिनों पहले इंटरनेट पर जारी हुए एक रेपले नामक जापानी गेम ने अभिभावकों को चिंतित कर दिया है। यौन हिंसा को प्रचारित करने वाला यह जापानी गेम हालांकि कई देशों में प्रतिबंधित है मगर भारत में खुलेआम चल रहा है। अब तो देश के कई छोटे-बड़े शहरों में इसकी डीवीडी भी उपलब्ध है। दिल्ली के पालिका बाजार में भी ये गेम बेचा जा रहा है।

क्या है रेपले गेम

रेपले सीरीज की गेम में मेन कैरेक्टर एक लड़का है, जो लोकल पॉलिटिशियन का बेटा होता है। उसे एक लड़की से ट्रेन में छेडख़ानी करने पर जेल हो जाती है, मगर अपने पिता के राजनैतिक रसूख के चलते वह छूट जाता है। अगले दिन वह लड़का उस लड़की के घर के बाहर पहुंच जाता है। घर पर लड़की की छोटी बहन और मां रहती है। लड़का उन तीनों का पीछा करता है और बारी-बारी से उनके साथ अलग-अलग जगह पर रेप करता है। वह अपने साथियों के साथ भी उन पर यौन हिंसा करता है।

गेम में अगर लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है, तो लड़के को उसे अबॉर्शन के लिए मनाना होता है, वर्ना उसका भी खूनी अंत होता है। एक सीक्वेंस में वह ट्रेन की पटरियों पर गिरता है, तो दूसरी में एक लड़की उस पर चाकुओं से वार करती है। इस गेम में खिलाड़ी को रेप करने पर प्वाइंट भी मिलते है।

दरअसल, इस खबर का मकसद यही है कि अब आपका बच्चा इंटरनेट पर तमाम जानकारियों लेकर प्री मेच्योर हो रहा है। ऐसे में सभी पेरेंटस को ध्यान रखना होगा कि उनके बच्चे इंटरनेट पर कहीं रेप गेम्स तो नहीं खेल रहे। क्योंकि जब बच्चा इस तरह के खेल को असली जिंदगी से जोड़ने लगेगा तो स्थिति बेहद गंभीर होगी। 
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