कल टीचर्स डे था, तमाम बच्चे स्कूल गए, अपने शिक्षकों से मिले और उनका धन्यवाद व्यक्त किया। बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण भी सुना और उनसे सवाल भी पूछे।
लेकिन शायद सभी बच्चों की किस्मत एक जैसी नहीं होती। ना तो सभी को स्कूल नसीब होता है और ना ही टीचर। फिर कौन होता है इन बच्चों का टीचर? कौन पढ़ाता है इनको? जिंदगी जीने की कला कौन सिखाता है इनको?
क्या आप जानते हैं ऐसे बच्चों को? वह स्कूल क्यों नहीं जा पाते? सरकार इनके लिए कुछ करती तो है लेकिन फिर भी और बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है जो सरकारी स्तर पर ना होकर सामाजिक स्तर पर हो।
जिस वक्त देश के प्रधानमंत्री बच्चों के नाम अपना संबोधन दे रहे थे, उसी वक्त देश के हजारों बच्चे अपना पेट भरने के लिए मजदूरी कर रहे थे। देखिए इस वीडियो को और जानिए कौन है इन बच्चों का टीचर।