उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने उमेश चंद्र भारतीय (50) की बृहस्पतिवार को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह बच्चे शिक्षक के कमरे पर ट्यूशन पढ़ने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बच्चों ने यह बात पड़ोसियों को बताई तो गांव के प्रधान और लालापुर पुलिस पहुंची।
पुलिस से खबर पाकर परिवार के लोग भी रोते बिलखते वहां पहुंचे, फिर दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में बिस्तर पर शिक्षक का शव पड़ा था। उनकी नाक से खून निकला था। पुलिस को कमरे से 23 हजार रुपये और चार किलो मिठाई रखी मिली। यह मिठाई शिक्षक ने वेतन मिलने की खुशी में बच्चों को मिठाई बांटने के लिए खरीदी थी।
फूलपुर में प्रतापपुर के पवरी बरिस्ता कला गांव निवासी उमेश चंद्र भारतीय शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने थे। सात महीने पहले उनकी नियुक्ति लालापुर के नगरवार गांव में हुई थी। वह गांव के ही भगौती प्रसाद के यहां किराए पर कमरा लेकर रहते थे। बुधवार को उमेश को वेतन मिला था। वह वेतन मिलने से काफी खुश थे। वह रात में अपने कमरे में सोए थे।