देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में हिंसा वारदात में गुस्साए मजदूरों ने एक चाय बागान मालिक और उनकी पत्नी की हत्या कर दी। असम के तिनसुकिया ज़िला स्थित कुनापत्थर चाय बागान में काम करने वाले मज़दूर और अन्य कर्मचारी मकान खाली कराए जाने की नोटिस भेजे जाने से काफी नाराज हैं।
तिनसुकिया के ज़िलाधिकारी एसएस मीनाक्षी सुन्दरम ने बताया कि तीर-कमान से लैस करीब 700 लोगों की भीड़ ने 26 दिसंबर की शाम इस चाय-बागान के मालिक के बंगले को घेर लिया और उसके बाद उसमें आग लगा दी।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बागान के मालिक मृदुल कुमार भट्टाचार्य और उनकी पत्नी रीता के जले हुए शवों को जले हुए बंगले से बरामद किया। अधिकारियों के मुताबिक़ आगजनी की घटना में बागान के मालिक की दो कारें और संपत्ति भी खाक हो गई। चश्मदीदों के अनुसार आगजनी की घटना के समय इस बंगले में कई और कर्मी मौजूद थे लेकिन सभी इस आग से बच निकलने में सफल रहे। इसके अलावा इसी चाय बागान में काम करने वाले मैनेजर का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
ख़बरों के मुताबिक़ इस चाय बागान में पिछले कुछ हफ़्तों से मजदूरों और प्रबंधन के बीच खींचतान चल रही थी। घटना के बाद बोरदुम्सा पुलिस में दर्ज की गई प्राथमिकी की रिपोर्ट के आधार पर तीन मजदूरों को पूछताछ के लिए रोका गया है हालांकि पुलिस के मुताबिक़ अभी तक किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है।
लगभग दो साल पहले मृदुल कुमार भट्टाचार्य के एक और चाय बगान में मजदूरों और प्रबंधन के बीच झडपें हुईं थी। उग्र मजदूरों ने राजधानी गुवाहाटी के निकट स्थित इस बागान में तब आग लगा दी थी मालिक ने कुछ मजदूरों पर कथित तौर से गोली चलाई थी। ये घटना तब हुई थी जब कुछ मज़दूर किसी महिला के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ कर रहे थे।