अपनी सहकर्मी के यौन शोषण के मामले में फंसे खोजी पत्रकार तरुण तेजपाल ने गोवा पुलिस से पेशी के लिए मोहलत मांगी है। उन्हें गुरुवार दोपहर तीन बजे तक पुलिस के सामने पेश होना था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने यह मोहलत मांगी थी।
गोवा पुलिस अधिकारी ओपी मिश्रा ने बताया कि तेजपाल को जांच अधिकारी ने मोहलत देने से इंकार कर दिया है। गोवा पुलिस के इंकार के बाद अब तेजपाल को कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं।
गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। वहीं तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए डाली याचिका वापस ले ली है।
गोवा पुलिस ने साफ कर दिया था कि तेजपाल को आज दोपहर तक उसके सामने पेश होना ही होगा। लेकिन तहलका के संस्थापक ने पुलिस से राहत मांगते हुए 30 नवंबर तक मोहलत देने के लिए कहा है।
वहीं दूसरी ओर तेजपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की याचिका वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि अब वह बांबे हाईकोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल करेंगे।
इससे पहले गुरुवार सवेरे तहलका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस पूरे मामले पर उनके रुख को लेकर काफी आलोचना हो रही थी।
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बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजपाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार करने के साथ ही अंतरिम जमानत पर फैसला 29 नवंबर तक टाल दिया।
गोवा पुलिस ने उन्हें समन भेज कर गुरुवार जांच टीम के समक्ष पेश होने के लिए कहा है। ऐसा कहा जा रहा था कि अगर तेजपाल तय समय तक गोवा नहीं पहुंचे, तो जांच टीम उनसे पूछताछ करने तत्काल दिल्ली रवाना होगी। ऐसी स्थिति में गोवा पुलिस तेजपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी करा सकती थी।
उधर गोवा सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाने की भी तैयारी कर रही है। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने यह कहकर इस आशय का साफ संदेश दिया है कि इस मामले का त्वरित निपटारा उनकी प्राथमिकता है।
उनका यह भी कहना था कि चूंकि यह घटना जनता के लिए एक सदमे की तरह है, इसलिए ऐसे हाई प्रोफाइल मामला लंबे समय तक नहीं खिंचना चाहिए।
इसी बीच पीड़ित महिला पत्रकार ने गोवा पुलिस के बाद बुधवार को पणजी में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करा कर तेजपाल की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पूरे मामले में तहलका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी भी गोवा पुलिस के रडार पर हैं। युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में भी चौधरी पर मदद न करने और मामले को रफा दफा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इससे शोमा चौधरी पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।