आरुषि-हेमराज मर्डर केस मामले में चल रही अभियोजन की फाइनल बहस चौथे दिन पूरी हो गई।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह ने अपनी बहस में कहा कि तथ्यों और गवाहों के मद्देनजर यह बात सामने आई है कि दोहरा हत्याकांड नूपुर और राजेश तलवार ने ही किया है।
दोनों हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपी हैं। जबकि राजेश तलवार फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने का भी आरोपी है। डिफेंस अब शुक्रवार से अपनी बहस शुरू करेगा।
इससे पूर्व आरोपी राजेश तलवार कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश हुआ।
सीबीआई लोक अभियोजक का कहना था कि आरुषि के बेडरूम और तलवार दंपति के बेडरूम के बीच पहले एक दरवाजा था। बाद में इसे लकड़ी से बंद कराकर उसके ऊपर दीवार जैसा पेंट करा दिया गया था। लकड़ी का दरवाजा होने से यह संभव ही नहीं है कि हत्या के दौरान आरुषि की निकली चीख पड़ोस के कमरे में सो रहे तलवार दंपति के कानों तक न पहुंचे।
इसके अलावा यह बात भी गवाही में आ चुकी है कि घटना वाले दिन इलाके में पावर कट नहीं हुआ था। ऐसे में इंटरनेट का राउटर बार-बार बंद होना भी संदेह पैदा करता है।
अभियोजन ने यह भी कहा कि घर में चार लोग थे, इनमें से दो की हत्या हो गई। घर से न तो कोई बाहर गया और न ही कोई अंदर आया। ऐसे में 106 एविडेंट एक्ट के तहत बचे हुए लोगों को ही यह सिद्ध करना होगा कि खून उन्होंने नहीं किया।