विधायकों की आड़ में उनके जानने वाले या अनजाने चेहरे सड़कों पर खूब दबंगई कर रहे हैं। सपा का झंडा लगाकर पुलिस को भी बौना समझ रहे यह ‘नए दबंग’ खुलेआम मारपीट कर सरकार को बदनाम करा रहे हैं। मुरादाबाद ही नहीं ऐसी शिकायतें प्रदेश भर से मिल रही थीं।
अमर उजाला ने जब यह मुद्दा उठाया तो शासन स्तर पर शिकायतों का पुलिंदा खुलवाया गया। हालात चिंताजनक थे। अब डीजीपी ने विधायक लिखे फर्जी वाहनों को जब्त करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कप्तानों को जारी आदेश में साफ किया है कि विधायकों से उनकी गाड़ियों के नंबर ले लिए जाएं। इसके इतर अगर शहर में विधायक लिखी कोई गाड़ी दिखे तो जांच के बाद जब्त करें और तत्काल शासन को सूचित करें।
सपा की सरकार बनने के साथ ही जहां समर्थकों के उत्साह में नियम टूटने लगे वहीं इन नियमों को तोड़ने वालों पर मुख्यमंत्री का सोटा भी पड़ने लगा। कइयों पर मुकदमे कराए गए और सत्ता के नाम पर दबंगई न करने की हिदायत सभी को दे दी गई। फिर भी एक-एक शहर में विधायक लिखी कई गाड़ियां घूम रहीं। कभी कलेक्ट्रेट में हूटर बजाते दिखती हैं तो कभी चौराहों पर बखेड़ा करते।
अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया था। अब सरकार ने शिकंजा कसा है। प्रदेश पुलिस के मुखिया एसी शर्मा ने प्रदेश के सभी कप्तानों को आदेश दिए हैं कि वह विधायकों से उन गाड़ियों के नंबर ले लें जिन्हें वह इस्तेमाल करते हैं। अगर इन गाड़ियों के अलावा कोई वाहन विधायक की प्लेट लगे मिले तो तत्काल जब्त कर लिया जाए।
इन जनपदों में विधायक लिखी गाड़ियों की भरमार
मुरादाबाद
मेरठ
सहारनपुर
मुजफ्फरनगर
आगरा
अलीगढ़
गोरखपुर
कानपुर
गाजियाबाद
नोएडा
बुलंदशहर
लखनऊ