स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर एएमयू वीमेंस कॉलेज की छात्रा की मौत के बाद पूरे कैंपस में दहशत फैल गई है। छात्राओं ने हॉस्टल से घरों के लिए पलायन शुरू कर दिया है। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वीमेंस कॉलेज समेत 18 फरवरी तक 12वीं तक के सारे स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। वहीं अन्य आवासीय हॉलों से भी छात्रों के घर जाने का क्रम शुरू हो गया है।
विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को भी आधा दर्जन से अधिक छात्र बीमार हालत में पहुंचे जिनमें स्वाइन फ्लू से मिलते जुलते लक्षण होने की बात कही जा रही है। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन बहुत ही एहतियात बरत रहा है। अगर कोई छात्र बीमार है और घर जा रहा है तो उस पर कक्षा करने के लिए दबाव नहीं डाला जा रहा है। दूसरी ओर कर्मचारी भी स्वाइन फ्लू को लेकर खौफजदा हैं। कैंपस और आसपास के इलाकों में मुंह पर मास्क लगा कर गतिविधियां की जा रही हैं।
स्वाइन फ्लू की दस्तक से शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अचानक मास्क की बढ़ती हुई डिमांड देखते हुए 15 से 20 रुपये में बिकने वाला मास्क अब 80 से 100 रुपये में बिक रहा है। एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने कहा है कि पूरे कैंपस में बेहद सजगता बरती जा रही है। मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से निपटने के पूरे इंतजाम हैं। अगर कोई विद्यार्थी घर जाना चाहता है तो उसे घर जाने की इजाजत भी दी जा रही है। उधर किसी ने व्हाट्स एप्स पर अफवाह फैला दी कि एएमयू में 14 मार्च तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन एएमयू प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संस्थान में कक्षाएं सिर्फ 18 फरवरी तक ही स्थगति की गई हैं।