ललितगेट में यह भी खुलासा हुआ है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल को ललित मोदी ने इंडोफिल कंपनी में निदेशक पद का प्रस्ताव दिया था।
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ललित ने इस पेशकश के साथ कौशल को एक ईमेल लिखा था। हालांकि, ललित मोदी के लिए कई वर्षों तक बतौर वकील जुड़े रहे स्वराज कौशल ने यह ऑफर ठुकरा दिया था।
इस खुलासे के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ललित मोदी भारत में भगोड़े हैं। उन्होंने एक मंत्री के पारिवारिक रिश्तेदार को एक पेशकश की। यह पेशकश क्यों की गई, इसकी जांच करानी चाहिए।
पूर्व आईपीएल कमिश्नर पर लगाए फेमा के तहत आरोप
दूसरी ओर भाजपा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि स्वराज कौशल ने ललित
से अपने प्रोफेशनल रिश्ते कभी नहीं छुपाए।स्वराज ने जब यह प्रस्ताव
स्वीकार ही नहीं किया तो समस्या क्या है?
इस बीच
कांग्रेस उन खबरों का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उसने ललितगेट
में सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे को हटाने की स्थिति में संसद में जीएसटी
विधेयक पारित कराने में सहयोग करने की पेशकश की है।
आईपीएल से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसते हुए ललित मोदी और अन्य आरोपियों के खिलाफ अब एफआईआर में फेमा उल्लंघन के कई आरोप लगाए हैं।
2012 में दर्ज हुआ था केस
कथित मनी लांड्र्रिंग में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, इन लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया विदेशी मुद्रा उल्लंघन का मामला बनता है। इससे ललित मोदी तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय का पक्ष मजबूत होगा।
कोर्ट की मदद से ईडी दूसरे देशों से अब इस मामले में मदद भी मांग सकेंगी। सामान्य रूप से विदेशी संस्थाएं फेमा जैसे सामान्य आर्थिक मामलों में मुश्किल से मदद करती हैं, लेकिन जब मनी लांड्रिंग जैसा आपराधिक मामला हो तो इसे गंभीरता से लेती है।
इस केस से जुड़े सूत्रों की मानें तो ईडी के अधिकारियों को आईपीएल में फेमा उल्लंघन के ऐसे 16 मामले मिले हैं, जिनके तहत अवैध रूप से हवाला के तहत फंड जुटाया गया। एजेंसी ने वर्ष 2012 में इस मामले में केस दर्ज किया था।