राम मंदिर मुद्दे के सहारे उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल गर्माने में जुटे भगवा संगठनों की रणनीति में ही भ्रम दिख रहा है। विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि मामले का निदान केवल राजनैतिक पहल के जरिए ही संपन्न होगा। तो भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने न्यायालय की प्रक्रिया तेज करने की गुहार लगाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर स्वामी ने मामले के जल्द निपटारे की मांग की है। जबकि चंद दिनों पहले ही विश्व हिंदू परिषद ने अपना रूख स्पष्ट करते हुए कहा था कि राजनीतिक समाधान के जरिए ही राम मंदिर मामले का हल निकलेगा। पीएम मोदी को दो पन्ने का पत्र लिखकर सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर मामले की रोजाना सुनवाई की अपील करें। ताकि मामले का निपटारा जल्द हो सके।
सांसद असदुद्दीन ओवैसी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए स्वामी ने पीएम मोदी को लिखा है कि मुस्लिम पैरोकार भी मामले की रोजाना सुनवाई के पक्ष में हैं। इसलिए सरकार को न्यायालय से अपील करना चाहिए कि वे मामले का जल्द निपटान करने के लिए रोजाना सुनवाई करे। जबकि विहिप महासचिव सुरेंद्र जैन ने चंद दिनों पहले ही कहा था कि राम मंदिर मामले का समाधान राजनीतिक हल के जरिए ही निकलेगा। उन्होंने कहा था कि न्यायालय में लंबे समय से मामला लटका हुआ है। उसका निर्णय आने के बाद भी संसद का ही सहारा लेना पड़ेगा। इसलिए उनका सरकार समेत विपक्ष के सांसदों से आग्रह था कि वे राम मंदिर मुद्दे का हल निकालने के लिए मिलकर संसद में कानून लाएं।