फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुषमा स्वराज को दी मोदी ने ये बड़ी जिम्मेदारी

विज्ञापन
विज्ञापन
नव नियुक्त विदेश मंत्री सुषमा स्वराज औपचारिक रूप से कार्यभार संभाले बिना मंगलवार को हैदराबाद हाउस में सार्क देशों के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में डटी दिखाई दी।
विज्ञापन


यह बताता है कि शपथ लेने के साथ सुषमा के लिए शुरू हुई चुनौतियों का सिलसिला फिलहाल बहुत लंबा खिंचने वाला है।

अपने कार्यकाल के दौरान सुषमा के सामने नई सरकार और इसके मुखिया नरेंद्र मोदी का भारत के लिए तय किए अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य को अमली जामा पहनाने की चुनौती सबसे बड़ी होगी।

मोदी व‌िजन को जामा पहनाएगी सुषमा

मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद मजबूत बनाने के लिए न केवल सार्क देशों का सिरमौर बन कर एशियाई देशों को साधना चाहते हैं बल्कि उनकी इच्छा पश्चिमी देशों के इतर भी जापान, रूस जैसे क्षेत्रीय ताकतों को महत्व देकर दुनिया के सामने एक नई स्थिति खड़ी करने की है।

जाहिर है कि मोदी के इस बेहद महत्वपूर्ण विजन को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी सुषमा को निभानी होगी। उन्हें न केवल पड़ोसी देशों को साधे रखना होगा, बल्कि इस नई स्थिति को खड़ा करने के लिए पश्चिमी देशों से भी अच्छे संबंध रखने होंगे।

व‌िदेश मंत्री के तौर पर म‌िशन आगे ले जाएंगी

मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह के बहाने सार्क देशों के शासनाध्यक्षों को बुलाकर अपने वैश्विक कूटनीतिक इरादे जाहिर कर दिए हैं। अब बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस मिशन को आगे ले जाना होगा।

सुषमा को जहां पाकिस्तान से बातचीत को आग बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर चीन को भी साधना होगा, जिसके साथ भारत का बीते पांच दशकों से भी अधिक समय से सीमा विवाद जारी है।

देवयानी मामला सुलझाएंगी सुषमा?

इसके अलावा सुषमा को अमेरिका के साथ महिला राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की कथित वीजा फ्रॉड मामले में हुई अपमानजनक गिरफ्तारी का मामला भी सुलझाना है।

इस मुद्दे पर दोनों देशों की चरम पर पहुंची कूटनीतिक तनातनी के बीच ही आम चुनाव शुरू हो जाने के कारण भारत की ओर से कार्यवाही के मामले में चुप्पी साध ली गई थी।

देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार और बतौर विदेश मंत्री सुषमा अब इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं।
विज्ञापन

सुषमा आज संभालेंगी कार्यभार

कार्यभार तय न होने और शपथ लेने के अगले ही दिन सार्क देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यस्त रहीं सुषमा बुधवार को औपचारिक तौर पर कार्यभार संभालेंगी।

पहले उनकी योजना मंगलवार को 8 बजे ही कार्यभार संभालने की थी। मगर इस बीच विभागों का आधिकारिक बंटवारा नहीं हो पाया, जब आधिकारिक बंटवारा हुआ तो सुषमा द्विपक्षीय वार्ताओं में व्यस्त हो गईं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें