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रोहित वेमूला दलित छात्र था ही नहींः सुषमा स्वराज

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हैदराबाद यूनिवर्सिटी के जिस छात्र रोहित वेमूला की मौत पर देशभर में राजनीतिक बवाल मचा हुआ है उस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नया बयान देकर मामले को एक अलग मोड़ दे दिया है।
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सुषमा स्वराज ने कहा आत्महत्या करने वाला छात्र रोहित वेमूला दलित था ही नहीं, उसे जबरन एक जाति से जोड़कर मामले को जातीय रंग दिया जा रहा है। सुषमा ने कहा, मेरी पूरी जानकारी के अनुसार वो बच्चा दलित था ही नहीं।

विदेश मंत्री ने आगे कहा, तथ्य ये कहते हैं कि वो दलित बिरादरी से नहीं था उसे जबरन दलित बताया जा रहा है। कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को जबरदस्ती आग दे रहे हैं।
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वहीं सुषमा का नया बयान सामने आने के बाद पूरा मामला पलट सकता है, क्योंकि अभी तक इस मुद्दे को राजनीतिक दल और अन्य संगठन दलितों के साथ भेदभाव से जोड़कर ही केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
Meri puri jankaari ke anusaar wo baccha dalit tha hi nahi: Sushma Swaraj, EAM on #RohithVemula pic.twitter.com/smgP7uB9Mj— ANI (@ANI_news) January 30, 2016
Tathya ye hai ki ye puri ki puri batcheet jo ki gayi ya aarop lagaye gaye, wo aarop puri tarah niradhar hain: Sushma Swaraj on #RohithVemula— ANI (@ANI_news) January 30, 2016
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कहा, मामले को जबरन राजनीतिक रंग दिया जा रहा

बता दें कि बीते 17 जनवरी को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमूला ने आत्महत्या कर ली थी। आंध्र प्रदेश के गुंटुर के रहने वाले रोहित का शव अपने कमरे में पंखे से लटके पाया था।

रोहित हैदराबाद यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा था, लेकिन बीते अगस्त में एबीवीपी के एक छात्र पर हमले के आरोप में उसे उसके साथियों सहित विवि से निलंबित कर दिया गया था।

वहीं रोहित की मौत के बाद से ही हैदराबाद विश्वविद्यालय राजनीतिक दलों का अखाड़ा बन गया है। शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दूसरी बार हैदराबाद यूनिवर्सिटी पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एक दिन के अनशन पर भी बैठे।

इस दौरान रोहित की मां भी उनके साथ रही। रोहित की मौत के बाद से काफी संख्या में छात्र कुलपति को बर्खास्त करने और उन्हें जेल भेजने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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