सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में उठे तूफान के बीच राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि इस विवाद के पीछे उनके राजनीतिक विरोधियों की साजिश है। दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको उनसे जुड़े सवालों से बचते रहे।
इस मामले में आए नए मोड़ पर कुरियन ने कहा कि इस तथाकथित नए खुलासे में कुछ भी नया नहीं है। ये वही आरोप हैं जिनकी जांच कोर्ट कर चुका है और इन्हें गलत बता चुका है। मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। मुझे कोर्ट ने निर्दोष बताया है। क्या किसी को इस लिए इस्तीफा दे देना चाहिए कि कोई दोषी करार व्यक्ति आरोप लगा रहा है।
दूसरी ओर कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस के दौरान जब पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको से पूछा गया कि क्या वे कुरियन को लेकर दिए गए अपने पहले के बयान पर कायम हैं, तो वे टाल मटोल कर गए। कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि कुरियन को हटाने की मांग पर पार्टी संसद के बजट सत्र से पहले फैसला कर लेगी।
माना जाता है कि चाको के अपने ही राज्य केरल के कुरियन से अच्छे संबंध नहीं हैं। पत्रकारों के ज्यादा जोर देने पर उन्होंने कहा कि मैने केरल में जो कहा, उसका संबंध केरल से है। पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में मेरे साथी संदीप दीक्षित ने साफ तौर पर जानकारी दे दी है।
चाको के बयान को संदीप दीक्षित ने उनकी निजी राय बताया था। बुधवार को चाको ने कुरियन से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़े बीजेपी के हमले तक ही खुद को सीमित रखा।
बाद में कुरियन के मामले में उन्होंने कहा कि दोबारा जांच के मामले में पहले केरल सरकार को फैसला लेना है। इसके बाद पार्टी की भूमिका आती है।