बृहस्पतिवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने पूर्व के मंत्रियों की तरह वायदे करने और फिर भूल जाने की परंपरा को तोड़ा और पहली बार बाकायदा पिछले बजट वायदों का लेखाजोखा पेश किया। रेल मंत्री ने अपनी रिपोर्ट में 295 स्टेशनों पर 407 अतिरिक्त शौचालय, 10,250 बायो टॉयलेट, 65 हजार अतिरिक्त बर्थ लगाने, 60 एस्केलेटर, 25 लिफ्ट चालू करने जैसी तमाम घोषणाओं के लागू होने की जानकारी दी।
साथ ही निर्भया निधि से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक हजार स्टेशनों पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव अभी पूरा नहीं होने की बात भी कबूली हैं। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए भूमि रिकॉर्डों को डिजिटल करने का काम प्रगति पर है। अधिकांश रिकॉर्डों को डिजिटल कर दिया गया है। डेटा एंट्री समेत सभी जमीनी योजनाएं 31 मार्च 2016 तक पूरी कर ली जाएंगी। रेल परिसंपत्तियों की 20 जीआईएस मैपिंग भी पूरी हो जाएगी।
क्रियान्वयन रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेनों में बिस्तर के साथ डिस्पोजेबल बैग देने की योजना प्रारंभिक तौर पर शुरू की जा रही है। सभी नए सवारी कोच में कूड़ा फेंकने के डिब्बे लगाए गए हैं। 1,780 एटीवीएम और 225 कैश कॉइन व स्मार्ट कार्ड से चलने वाली टिकट वेंडिंग मशीनें लगा दी गई हैं।