साल 2015 की शुरुआत रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने अंदाज में कर दी है। साल के पहले ही दिन रेल मंत्री ने रेलवे के लंबित पड़े कार्यों को तेजी से निपटाने के लिए टेंडर से लेकर अन्य आधिकारिक फैसले लेने के अधिकार क्षेत्रीय रेलवे के अधिकारियों को सौंप दिए हैं।
रेल मंत्री ने इस निर्णय से एक तीर से कई शिकार किए हैं। इस फैसले से जहां जोनल व डिवीजनल मैनेजरों को शक्तियां मिल जाएंगी, वहीं काम के प्रति उनकी जवाबदेही भी तय होने जा रही है।
रेल मंत्री ने ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन को इस काम का निर्धारण करने का जिम्मा सौंपा था। उन्होंने इस पर अपनी रिपोर्ट रेल मंत्री को सौंप दी है, जिसे उन्होंने हरी झंडी देते हुए बृहस्पतिवार को साल का पहला आदेश भी जारी कर दिया।