सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चूंकि आम लोगों को पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे सीबीआई जांच की मांग करते हैं। शीर्ष अदालत ने एक बार फिर पुलिस सुधार पर जोर देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों की उचित और निष्पक्ष जांच प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए।
साथ ही अदालत ने कहा कि जांच में राजनीतिक दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट को इस मसले पर विचार करने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि हम चाहते हैं कि हत्या एवं बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की जांच प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों द्वारा बिना किसी होनी दबाव के होनी चाहिए।