जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों को अब शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बड़े स्तर पर जनहित को ध्यान में रखते हुए बैंकों को ऐसे डिफाल्टरों की फोटो अखबारों में छपवाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
ताकि कर्ज लेने वाले सावधानी बरतें और जागरूकता आए। हालांकि अदालत ने फोटो छपवाने का कदम उठाने का निर्णय लेने का अधिकार वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को ही दिया है, जो बैंक के महाप्रबंधक से नीचे स्तर का अधिकारी नहीं होगा।
जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में बांबे हाईकोर्ट के आदेश को जारी रखते हुए स्टेट बैंक आफ इंडिया को डिफाल्टरों के फोटोग्राफ छपवाने की अनुमति दी है।
अब बैंक की ओर से मुंबई की कर्ज नहीं चुकाने वाली फर्म डीजे एग्जिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और गारंटरों की फोटो अखबारों में प्रकाशित कराई जाएगी।