फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30 को ही होगी याकूब की फांसी, SC की मुहर

विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 में मुंबई में हुए बम धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


याचिका खारिज होने के साथ ही मेनन की फांसी तय हो गई है जिसे अब 30 जुलाई को सुबह 7 बजे फांसी पर लटका दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एचएल दत्तू, जस्टिस टीएस ठाकुर और जस्टिस एआर दवे की बेंच ने मेमन की याचिका को खारिज कर दिया।

करीब 23 साल पहले हुए मुंबई बम धमाके में याकूब की अहम भूमिका थी। इस धमाके में 250 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। धमाके का मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम आज भी भारत सरकार के हाथ नहीं आया है।
विज्ञापन

गैरकानूनी तरीके से कमाया पैसा


कौन है याकूब मेमन

याकूब अब्दुल रज्जाक मेमन 1993 में हुए मुंबई बम धमाके में शामिल आरोपियों में से एक था। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब मुंबई धमाकों के मुख्य आरोपी इब्राहिम मुश्ताक 'टाइगर' मेमन का भाई है। इस बम धमाके में 257 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई धमाका मामले की सुनवाई करते हुए याकूब मेमन को दोषी करार दिया था और उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

30 जुलाई 1962 को पैदा हुआ याकूब बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज था। मेमन परिवार में याकूब ही एक ऐसा इंसान था जो सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा था। 1993 में हुए मुंबई बम धमाके के बाद वह वहां से भाग गया जिसे बाद में नेपाल पुलिस ने काठमांडु हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर भारत के सीबीआई को सौंप दिया था। तब से लेकर अबतक याकूब भारत की जेल में बंद है।

याकूब की एकाउंटेंट कंपनी अपने भाई टाइगर मेमन के दो नंबर के धंधे और गैरकानूनी चांदी से हुई कमाई का हिसाब-किताब रखती थी। याकूब ने इस काम से बहुत पैसा कमाया। इसी कमाई से उसने अल हुसैनी इमारत में छह फ्लैट खरीदे। इसी इमारत में टाइगर ने भी पहले से ही दो ड्यूप्लेक्स ले रखे थे।
विज्ञापन

फांसी की सजा पर लगी मुहर


सुनवाई और सजा

याकूब मेमन को 27 जुलाई 2007 को टाडा के तहत जस्टिस पीडी कोडे ने फांसी की सजा सुनाई। याकूब को आपराधिक षडयंत्र रचने के लिए आईपीसी की धारा 120-बी के तहत मौत की सजा सुनाई गई।

इसके अलावा आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और उसमें मदद करने के लिए टाडा के धारा 3 के आजीवन कारावास, अवैध कब्जे, हथियार और गोला बारूद की ढुलाई के लिए टाडा की धारा 5 और 6 के अंतर्गत 14 साल का सश्रम कारावास, विस्फोटकों के जरिए कई लोगों की जान को खतरे में डालने के लिए 10 साल का सश्रम कारावास जैसी सजा सुनाई गई।

सुप्रीम कोर्ट ने 21 मार्च 2013 को नीचली अदालत के फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए याकूब को मौत की सजा सुनाया और इसे आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड करार दिया। हालांकि, इसके बाद 2 जून 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने उसके फांसी सजा पर रोक लगा दिया।

मेमन की याचिका को लेकर बनी एक संवैधानिक पीठ ने कहा कि मौत की सजा पाए अपराधी की समीक्षा याचिका की सुनवाई शीर्ष न्यायालय को बंद कमरे के बजाय खुली अदालत में करनी चाहिए। याकूब मेमन के ऊपर बॉलीवुड में भी फिल्म बनाई गई है। इम्मतियाज अली ने अनुराग कश्यप की फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में याकूब की भूमिका निभाई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें