पति के साथ सहमति से यौन संबंधों के लिए पत्नी की उम्र 18 वर्ष निर्धारित करने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
जस्टिस केएस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक गैर सरकारी संगठन की जनहित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।
याचिका में भारतीय दंड संहिता की धारा 375 में संशोधन करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। इसमें पति से यौन संबंध के लिए पत्नी की सहमति देने की आयु के बारे में अपवाद का प्रावधान है।
धारा 375 के इस अपवाद में हाल ही में अपराध विधि संशोधन अध्यादेश 2013 के तहत संशोधन किया गया था। यह कहता है कि एक व्यक्ति की ओर से अपनी पत्नी के साथ यौन कृत्य बलात्कार नहीं होगा यदि उसकी आयु 15 साल से कम नहीं है।
याचिका में इस संशोधन को चुनौती देते हुए गैर सरकारी संगठन के वकील ने दलील दी कि यदि वयस्क होने की उम्र 18 साल निर्धारित की गई है तो यही आयु महिला के लिये सहमति से यौन संबंध स्थापित करने के लिए भी होनी चाहिए।