गैरएनडीए-गैरयूपीए फेडरल फ्रंट बनाने के लिए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी जल्दी में हैं।
बीते दिनों उन्होंने इस सिलसिले में वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी की मांग पर वाईएस विजयलक्ष्मी से बातचीत के बाद झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से बातचीत की।
तृणमूल सूत्रों का दावा है कि बातचीत में मिले सकारात्मक संकेत के बाद जल्द से जल्द फेडरल फ्रंट बनाने के लिए ममता अब इन दोनों नेताओं के पास अपना दूत भेजेंगी।
ममता की योजना जल्द ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक, असम गण परिषद सहित कई अन्य छोटे दलों के नेताओं से बातचीत करने की है।
उल्लेखनीय है कि फेडरल फ्रंट बनाने की मुहिम तब शुरू हुई जब भाजपा और जदयू का 17 साल पुराना गठबंधन टूट गया।
गठबंधन टूटने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गैरयूपीए-गैरएनडीए दलों का फ्रंट बनाने की इच्छा जाहिर की। इस सिलसिले में नीतीश की ममता से बातचीत भी हुई।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि भले ही फेडरल फ्रंट के निर्माण के मामले में सार्वजनिक तौर पर तेजी नहीं दिख रही है। मगर इसके लिए नीतीश और ममता दोनों ही लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में ममता ने बीते दिनों विजयलक्ष्मी और मरांडी से बातचीत की थी।
तृणमूल सूत्रों के मुताबिक चूंकि लोकसभा चुनाव समय से पूर्व भी होने के लगातार संकेत मिल रहे हैं, इसलिए ममता जल्द से जल्द फ्रंट तैयार करने की कोशिशों में जुटी हैं।
जल्दी ही ममता इस सिलसिले में क्षेत्रीय दलों के नेताओं के पास अपने दूत भेजेंगी। तृणमूल सूत्रों का कहना है कि दूत के माध्यम से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद ममता खुद संबंधित नेताओं से मिलेंगी।