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मनरेगा पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के उचित क्रियान्वयन की गुहार संबंधी जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में यह भी सुनिश्चित करने की गुहार की गई है कि समय पर कामगारों को मेहनताना, मुआवजा आदि मिले।
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चीफ जस्टिस एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति अमिताभ राय की पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, निखिल डे और ललित माथुर की ओर से दायर इस याचिका पर सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। याचिका में कहा गया है कि मनरेगा का फंड समय पर जारी नहीं किया जा रहा है। फंड जारी करने में देरी होने की वजह से इस योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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समय पर मिले पैसा

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पीठ को बताया कि 3500 करोड़ रुपये का फंड रुका पड़ा है। यह रकम मनरेगा के तहत काम करने वाले कामगारों को मेहनताने के तौर पर दिया जाना है।

याचिका में गुहार की गई है कि केंद्र सरकार को मांग आधारित फंड जारी करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही याचिका में नियमित रूप से सोशल ऑडिट कराने की भी गुहार की गई है।
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