सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को इंदौर के बेतमा की दुष्कर्म पीड़ित दो स्कूली छात्राओं को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने छात्राओं की पहचान सार्वजनिक करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि नोटिस में अधिकारी से यह पूछा जाए कि नाम सार्वजनिक करने पर क्यों न उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
जस्टिस आरएम लोढ़ा और मदन बी लोकुर की अदालत ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हलफनामा राज्य सरकार की तरफ से इंदौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद तिवारी के द्वारा पेश किया गया। जिसमें पीड़ित छात्राओं का नाम सार्वजनिक किया गया।
यह भारतीय दंड संहिता के अनुभाग 228 ए के तहत एक तरह से अपराध है। अदालत ने कहा कि नोटिस मिलने के चार सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी से जवाब भी मांगा जाए।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद मुकर्रर की है।