देश के सर्वोच्च न्यायालय ने 2जी मामले में आरोपी बनाई गई डीएमके की
नेता कनिमोझी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने 2जी मामले में आरोपी बनाई गई डीएमके की नेता कनिमोझी और अन्य की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत मे रोजाना चल रही है।
न्यायमूर्ति एच.एल दत्तू और न्यायमूर्ति के.एस.राधाकृष्णन की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि छह सप्ताह के भीतर ही सीबीआई जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
इस मामले में न्यायमूर्ति जी.एस. सिंघवी ने अपनी सेवानिवृत्ति करीब देखते हुए प्रधान न्यायाधीश पी. सतशिवम से मामला किसी अन्य पीठ के हवाले सौंपने का आग्रह किया था। इसके बाद से इस बड़े मामले में यह पहली सुनवाई थी।
आरोप को चुनौती देने वाले अन्य लोगों में डीबी रियल्टी के शाहिद बलवा, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और इसके शीर्ष कार्यकारी सुरेंद्र पीपरा, गौतम दोषी और हरि नायर शामिल हैं। सभी ने अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने को चुनौती दी है।
शुरुआत में सभी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सीबीआई की दलील पर मामले को जस का तस रहने दिया गया, क्योंकि शीर्ष अदालत की न्यायमूर्ति सिंघवी और न्यामूर्ति राधाकृष्णन की पीठ ने कहा था कि 11 अप्रैल 2011 के उनके आदेश को चुनौती देने के बारे में पहले वे फैसला लेंगे। इस आदेश के जरिए शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट को 2जी मामले की सुनवाई करने वाली सीबीआई की विशेष अदालत के आदेशों के खिलाफ किसी भी याचिका को स्वीकार करने पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने कहा था कि यदि वे 11 अप्रैल 2011 का आदेश वापस ले लेता है तो हाई कोर्ट सुनवाई कर सकता है, वरना इसकी सुनवाई शीर्ष अदालत में ही होगी।