इस पोंगल पर जल्लीकट्टू के आयोजन की अंतिम उम्मीद भी खत्म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सांड़ों को वश में करने वाले इस खेल को इजाजत देने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने ही मंगलवार को केंद्र सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी थी, जिसमें जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया था।
तमिलनाडु के कई लोगों तथा कम्पैशन अनलिमिटेड प्लस एक्शन नामक संगठन ने याचिका दायर कर अदालत से अपने आदेश को रद्द करने की अपील की थी। बुधवार को इस पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह अपने आदेश को वापस नहीं लेगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता एन राजारमण ने सुझाव दिया कि कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में जल्लीकट्टू को अनुमति दी जा सकती है। आयोजन के बाद कोर्ट कमिश्नर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप सकते हैं। हालांकि अदालत इस तर्क से अप्रभावित रही।