पुलिस बर्बरता पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्या कोई सरकार नियुक्तियों में गड़बड़ियों को स्वीकार करेगी। कोर्ट ने कहा है कि नियुक्तियों में ईमानदारी की कमी है और इसमें गड़बड़ियां होती हैं।
यही वजह है कि पुलिस नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाती। पूरे देश में एक जैसा हाल है। सर्वोच्च अदालत ने यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में प्रदर्शनकारी बुजुर्ग महिला के खिलाफ पुलिस बर्ताव के मसले पर सुनवाई के दौरान की।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि नागरिकों की रक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिस ठीक से काम नहीं करती। जब लोग सड़क पर उतरते हैं तो पुलिस बर्बर रवैया अख्तियार करती है।
यह हाल सिर्फ उत्तर प्रदेश का नहीं है, बल्कि पूरे देश में पुलिस का यही हाल है। आखिर क्यों 65 वर्षीय वृद्धा को सड़क पर उतरना पड़ा। लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि पुलिस उनकी मित्र नहीं है।
जस्टिस जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस सुधार पर राज्यों की ओर से पारित अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले में दिए गए निर्देशों को अक्षरश: लागू न किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर 15 राज्यों को नोटिस जारी किया है।
इन राज्यों में महाराष्ट्र, पंजाब, मेघालय सहित अन्य शामिल हैं। अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से दाखिल हलफनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें उन दो फोटो को ही क्यों लगाया गया जिनमें बुजुर्ग महिला के हाथ में पत्थर है।
पीठ ने कहा कि हमने बुजुर्ग महिला पर पुलिस बर्बरता का वीडियो देखा है। यह जवाब पूरा नहीं है, आखिर चार में से दो फोटो गायब क्यों हैं।
अदालत ने यूपी सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता गौरव भाटिया से कहा कि आपके अधिकारी के हलफनामे से सच्चाई सामने नहीं आ रही है। जवाब में भाटिया ने घटना का जिक्र करते हुए तमाम दलीलें दी जिस पर पीठ ने सहमति जता दी।
वहीं पीठ के समक्ष दिल्ली में एसीपी की ओर से लड़की को थप्पड़ मारने की घटना से जुड़े वास्तविक रिकॉर्ड एडीशनल सॉलिसीटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा ने पेश किए।
सर्वोच्च अदालत ने 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में अटॉर्नी जनरल, अदालत के सहायक और यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह को सुझाव पेश करने के लिए कहा है।