आसाराम बापू के जेल जाने के बाद से उनके अनुयायी गफलत में हैं। इससे निपटने को आश्रम से भक्तों को सीडी भेजी गई हैं। इनमें मीडिया पर तीखे हमले किए गए हैं।
इसके साथ ही दुष्प्रचार करने वाले चैनलों के बहिष्कार और उनकी टीआरपी कम करने का तरीका भी बताया गया है।
आसाराम की गिरफ्तारी के बाद 11 और 12 सितंबर को दिल्ली में जंतरमंतर पर उनके अनुयायियों ने जन सत्याग्रह एवं संत सम्मेलन किया था।
इसमें आसाराम के समर्थकों के तौर पर कई कथित संतों ने विचार व्यक्त किए थे। बापू के आरोपी होने की वजह से मीडिया में इस कार्यक्रम को खास कवरेज न मिल सकी।
अब उसी कार्यक्रम की सीडी कुछ अतिरिक्त जानकारी के साथ साधकों को भेजी गई है। इसमें कथित संतों के निशाने पर मीडिया रही है। कुछ खास चैनलों पर आसाराम के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाया गया है।
पुत्र नारायण साईं की ओर से कहा गया है कि बापू ने पहले ही कहा था कि उन्हें प्रभु ने बहुत दिन से कष्ट नहीं दिए। उन्होंने अपने प्रवचन में तिहाड़ जाने की भी इच्छा जताई थी।