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एक ही दिन में दो रुपए महंगी हो गई चीनी

Wed, 25 Jun 2014 10:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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चीनी मिलों को राहत देने वाले मोदी सरकार के फैसलों से चीनी की कीमतें भड़कने लगी हैं। आयात महंगा होने और निर्यात सब्सिडी सितंबर तक जारी रखने की उम्मीद में चीनी के भाव एक ही दिन में दो रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। थोक बाजार में चीन में 150 रुपये प्रति कुंतल की उछाल आया है। कीमतें बढऩे की उम्मीद में चीनी मिलों ने भी आपूर्ति धीमी कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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विदेशी चीनी का आयात थमने और निर्यात बढऩे की अटकलों के बीच दिल्ली में चीनी का थोक भाव 33.50-34 रुपये तक पहुंच गया है। थोक व्यापारियों का कहना है कि चीनी के भाव में तेजी की उम्मीद लगाए बैठी मिलों ने आपूर्ति धीमी कर दी है। मंडियों में चीनी की आवक 50-60 फीसदी रह गई है। जबकि गर्मियों लंबी खिंचने से चीनी की मांग बढ़ रही है। इससे दाम बढ़ रहे हैं। दो दिन पहले तक थोक बाजार में चीनी का भाव 3100-3150 रुपये के आसपास था, जो दिल्ली की थोक मंडियों में 3300-3350 रुपये तक पहुंच गया है। इससे खुदरा बाजार में चीनी के भाव 39-40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं।

हालांकि, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के महानिदेशक अबिनाश वर्मा का कहना है कि चीनी के एक्स फैक्ट्री दाम में 25 से 60 रुपये प्रति कुंतल का इजाफा हुआ है। वर्मा का कहना है उत्तर प्रदेश में चीनी बनाने की लागत करीब 35 रुपये प्रति किलोग्राम आती है जबकि मिलें 31.75 रुपये के भाव पर चीनी बेच रही हैं। जब तक चीनी के दाम कम से कम 3 रुपये नहीं बढ़ेंगे, मिलों के लिए लागत निकालना और किसानों को भुगतान करना मुश्किल होगा।
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छह महीने में 15 फीसदी महंगी हुई चीनी
चीनी केदाम बढऩे का सिलसिला गत जनवरी में शुरू हुआ था। उस समय चीनी का थोक भाव 2800 रुपये कुंतल के आसपास था, जो अब बढ़कर 3350-3400 रुपये तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर भी दिखा। खुदरा बाजार में चीनी के भाव छह महीने के अंदर 35-36 रुपये से 39-40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। जिस तरह सरकार ने चीनी के आयात पर अंकुश लगाने और निर्यात को बढ़ावा देने का फैसला किया है, उससे आने वाले समय में चीनी की मिठास और भी महंगी पड़ सकती है।
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