विदेशी बैंकों में काला धन रखने वालों का नाम उजागर करने की मांग कर रहे भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि संधि की आड़ लेकर नाम न सार्वजनिक करना गलत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर काला धन वापसी के लिए छह कदम सुझाए हैं।
अपने पत्र में स्वामी ने नाम सार्वजनिक करने की मांग दोहराते हुए लिखा है कि पूरे मामले को दोहरा कराधान संधि से जोड़ना गलत है। उन्होंने कहा है कि यह संधि सिर्फ उन लोगों पर ही लागू हो सकती है जो भारतीय नागरिक के रूप में विदेश में धन तो अर्जित करते हैं मगर इसके बदले कर नहीं चुकाते।
पत्र में उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ज्यूरिख के सारासिन और पिक्टेट बैंकों में कथित खातों की जांच सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की है।
स्वामी ने दावा किया है कि उन्होंने वित्त मंत्री को पत्र लिख कर इन खातों के बारे में पहले ही जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि सरकार के दोहरे कराधन संधि का हवाला देते हुए खाताधारकों का नाम उजागर न करने की घोषणा पर वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को बेहद कड़ा पत्र लिखा था।
स्वामी ने प्रधानमंत्री को प्रसिद्घ न्यायविद फली नरीमन के राज्यसभा में पेश किए गए गैर सरकारी विधयेक के अनुरूप अध्यादेश पारित करने का सुझाव दिया है।
नरीमन ने अपने विधेयक में सुझाव दिया था कि सरकार को अध्यादेश जारी कर सभी अवैध संपत्तियों को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित कर देनी चाहिए। इसके बाद ऐसे खाताधारकों को अपनी पूरी संपत्ति भारतीय वित्तीय प्रणाली के अंतर्गत लाने का निर्देश देने के बाद गहन जांच की जानी चाहिए।