देश में हर साल लाखों छात्र बड़े-बड़े संस्थानों से इंजीनियरिंग कर निकल रहे हैं, लेकिन उन्हें रोजगार मुहैया करने वाली कंपनियां उनके कौशल से खुश नहीं हैं।
हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक 80 फीसदी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट् ऐसे हैं, जिनके पास एक इंजीनियर के तौर पर जरूरी कौशल और क्षमता की कमी है। रोजगार के लिए अयोग्य इंजीनियर देने की सूची में दिल्ली सबसे आगे है।
वहीं, बेहतर इंजीनियर देने के मामले में केरल सबसे ऊपर है, तो उत्तराखंड और पंजाब का नाम भी इस सूची में शामिल है।