महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए ठाणे के स्कूली बच्चों ने एक ऐसी ‘रोबोटिक सैंडल’ तैयार की है जो सिर पर पड़ी तो बिजली का तेज झटका देगी। साथ ही उससे जुड़ा अलार्म अहम नंबरों पर ऑटोमैटिक एसएमएस कर घटना की सूचना भी देगा, जिससे मैसेज पाने वाले को महिला की लोकेशन मिल जाएगी।
ठाणे में सातवीं और नौवीं के चार छात्रों ने सामान्य सैंडल में कुछ उपकरण फिट कर इसे तैयार किया है। इसकी लागत करीब 2,000 रुपये है, लेकिन फिलहाल इसका व्यावसायिक उत्पादन नहीं किया जा रहा है।
रोबोटिक सैंडल मीडिया के सामने पेश करते हुए इन बच्चों ने दिखाया कि मुसीबत के समय अगर महिला इस सैंडल को दो बार जमीन पर पटके तो इसमें पांच वोल्ट तक का चार्ज पैदा होता है और इससे बैग या पर्स में रखा गया वायरलेस अलार्म भी सक्रिय हो जाता है।
यह अलार्म बजते ही पहले से सेट किए गए नंबरों पर एसएमएस भेज देता है और महिला की लोकेशन का पता चल जाता है। उन्होंने दावा किया कि सैंडल सिर पर पड़ते ही बिजली का तेज झटका देगी। मराठा मंदिर स्कूल के नौंवी के छात्र सिद्धार्थ वानी, एके जोशी स्कूल के सातवीं के छात्र संभवी जोशी व चिन्मय मराठे और माउंट मैरीज स्कूल के चिन्मय जाधव ने एक निजी संगठन चिल्ड्रेंस टेक सेंटर की मदद से यह उपकरण तैयार किया है।
छात्रों का कहना है कि यह बचाव का बेहतरीन हथियार साबित होगा। उनका कहना था कि बाहर जाते समय महिलाएं मोबाइल या अन्य उपकरण तो भूल सकती हैं, लेकिन आमतौर पर सैंडल जरूर पहनती हैं। इसलिए सैंडल को ही हथियार के तौर पर विकसित किया गया है।