फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाबंद से इकोनॉमी को तगड़ी चोट, बैंकिंग सेवाएं रही ठप

Thu, 21 Feb 2013 11:00 PM IST
नई दिल्ली/नोएडा/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
देश की 11 बड़ी ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल गुरुवार को खत्म हो गई। हड़ताल का दूसरा दिन तनाव और दहशत भरा रहा। औद्योगिक व्यापार संगठनों सीआईआई और एसोचैम के अनुसार इस महाबंद से देश को दो दिनों में 26 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


विश्वव्यापी मंदी और देश की धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था के जिस दौर में यह महाबंद कामयाब रहा, उससे उबरने में समय लगेगा। दूसरे दिन देश भर में सार्वजनिक परिवहन की समस्या से आम लोगों को दो-चार होना पड़ा, जबकि महानगरों में लोग सरकारी बैंकों के खाली हो चुके एटीएम को लेकर परेशान दिखे। बैंकों का बंद कामकाज भी मुश्किलों का सबब रहा।

गुरुवार को दक्षिण दिल्ली के औद्योगिक इलाके में हिंसा की घटनाएं हुई और राजधानी के उपनगर नोएडा में कई फैक्ट्रियों पर हमले हुए। बुधवार को हुई आगजनी और तोड़फोड़ के मद्देनजर पुलिस मुस्तैद थी, प्रदर्शनकारी संभले हुए और कारोबारी चौकन्ने थे।
विज्ञापन


एडीजी-एनसीआर और मेरठ रेंज के डीआईजी के नेतृत्व में नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में फ्लैग मार्च निकाला गया। बावजूद इसके कुछ हुड़दंगियों ने नोएडा सेक्टर-5 में दो कंपनियों पर पथराव कर दिया। दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में भी जमकर तोड़फोड़ हुई।

प्रदर्शनकारियों ने आधा दर्जन कार्यालयों के सभी शीशे तोड़ डाले। इस घटना में पुलिस ने छह लोगों और नोएडा वाली घटना में 35 को गिरफ्तार कर लिया। डीटीसी की 17 बसों के शीशे तोड़ने और 30 बसों की हवा निकालने की भी सूचना है।

बुधवार को नोएडा में जो हिंसा हुई थी उससे जुड़े मामलों को लेकर फेज टू और सेक्टर-58 थाना में अब तक कुल 184 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें विभिन्न मजदूर संगठनों के चार पदाधिकारियों समेत 68 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एफआईआर दर्ज करने व गिरफ्तारियों का सिलसिला लगातार जारी है।

गुरुवार को मेरठ रेंज के हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ जिले से दो अपर पुलिस अधीक्षक, आठ क्षेत्राधिकारी, तीस थानाध्यक्ष, 350 सिपाही, छह कंपनी पीएसी व आरएएफ की एक कंपनी को नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया। घटना के बाद से नोएडा में कैंप कर रहे एडीजी-एनसीआर ओपी सिंह व डीआईजी मेरठ रेंज ने सुबह आठ बजे फेज टू क्षेत्र में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया।

होजरी कॉम्प्लेक्स और फेज टू के अन्य सेक्टरों में मार्च के बाद एडीजी-एनसीआर, एसएसपी, डीएम व अन्य अधिकारियों ने नोएडा केसेक्टर-5, सेक्टर-8,9,10 का रुख किया। सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए उद्यमियों के संगठन एनईए के पदाधिकारियों को भी सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च में शामिल कर लिया।

आजादी के बाद सबसे बड़ी आम हड़ताल...?
वामपंथी दलों ने बुधवार-गुरुवार के बंद को आजादी के बाद कामकाजी वर्ग की ‘सबसे बड़ी हड़ताल’ करार दिया है। इनके श्रमिक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उसने अब भी उनकी मांगें नहीं मानी तो आने वाले दिनों में और बड़े कदम उठाए जाएंगे। माकपा, भाकपा, आरएसपी और फॉरवर्ड ब्लॉक ने संयुक्त बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक हड़ताल थी, जिसमें पहली बार सभी संगठनों ने मिल कर दो दिनों के बंद का कामयाब आह्वान किया।

ऐसे रही हड़ताल सफल
पेट्रोलियम सेक्टर, परिवहन, कोयला, खनन, तट और बंदरगाह, पौधरोपण, उत्पादन, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में यह हड़ताल पूरी तरह कामयाब रही। देश भर की राज्य सरकारों के दफ्तरों में कामकाज इन दो दिनों में प्रभावित हुआ। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने भी इस बंद में जिस तरह से भीगीदारी की, वह उल्लेखनीय है।

बैंकिंग सेवाएं रही ठप
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को पूरे देश में सरकारी बैंकों का काम ठप रहा। लगातार दूसरे दिन चैक क्लीयरेंस से लेकर पैसे का लेन-देन नहीं हुआ। इन बैंकों के कई एटीएम खाली हो गए और लोग मुश्किल में दिखे। हालांकि कुछ बैंकों ने कोशिश की कि एटीएम सेवाएं सुचारू रखी जाएं।

उल्लेखनीय है कि बैंक कर्मियों का प्रमुख संगठन युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनिसंय हड़ताल का आह्वान करने वाले प्रमुख संगठनों में से था। एलआईसी और न्यू इंडिया एश्योरेंस समेत निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। 26 सरकारी बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें