3600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे के लिए कथित तौर पर घूस देने के मामले में फिनमेकानिका ने सीबीआई को जांच में सहयोग करने का पूरा भरोसा जताया है। डील में शामिल अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी इटली सरकार के नियंत्रण वाले फिनमेकानिका समूह का हिस्सा है।
सीबीआई ने बृहस्पतिवार को समूह के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने इतालवी फर्म से निवेदन किया है कि वह अपनी अंदरूनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप दे ताकि भारत में इसका निरीक्षण कर उचित जांच शुरू की जा सके।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई और रक्षा मंत्रालय की संयुक्त टीम को जांच में सहयोग का पूरा आश्वासन दिया गया है और कंपनी की बोर्ड मीटिंग के बाद जरूरी दस्तावेज उन्हें सौंप दिए जाएंगे। मिलान में हफ्ते भर तक रहने के बाद संयुक्त टीम रविवार को वापस लौट सकती है।
इस दौरान वह इतालवी न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों और जज से भी मुलाकात करेंगे ताकि पूरे मामले में भारत की भूमिका की जांच करने में सहयोग मिल सके। उन्हें यह भी बताया गया है कि इटली में जांच अभी अपने शुरुआती स्तर पर ही है और फर्म के शीर्ष अधिकारियों को इसलिए गिरफ्तार किया गया है ताकि वह सुबूतों के साथ छेड़छाड़ न कर सकें। इटली प्रशासन से सामंजस्य स्थापित करने के लिए चियोमेंटी और ग्रिप्पो नाम की दो कानूनी फर्म की मदद ली जा रही है।
रक्षा मंत्रालय के नोटिस का जवाब देगी कंपनी
फिनमेकानिका ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के नोटिस का जवाब देने की भी तैयारी कर ली है। भारत सरकार के नोटिस का जवाब देने की डेडलाइन शुक्रवार को खत्म हो रही है। नोटिस में रक्षा मंत्रालय ने कंपनी से जवाब मांगा था कि रिश्वत के आरोपों के चलते डील को रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
इतालवी फर्म ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा एडब्ल्यू101 कांट्रेक्ट के संबंध में मांगी गई जानकारी से संबंधित पिछले हफ्ते प्राप्त हुआ। अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी जांच में सहयोग को प्रतिबद्धता दिखाते हुए नोटिस का जवाब तैयार कर रही है। कंपनी ने भारत के साथ डील हासिल करने के समय नियमों का पूरी तरह से पालन किया है।’