दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राजनीतिक स्तर पर आमराय बनाने की शुरुआत की है। सोमवार को गृह मंत्रालय ने सभी राजनीतिक दलों से इस संबंध में अपने विचार जस्टिस वर्मा कमेटी को छह जनवरी तक भेजने का आग्रह किया है।
सरकार वर्मा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सर्वदलीय बैठक बुलाने पर विचार कर रही है। केंद्र कमेटी की सिफारिशों के बाद ही कानून में बदलाव या संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार करेगी। दिल्ली में चलती बस में युवती के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ लोगों के गुस्से को देखते हुए सरकार ने जस्टिस वर्मा कमेटी का गठन किया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट जनवरी के अंत तक सरकार को सौंपेगी।
वहीं दरिंदगी की शिकार युवती के अंतिम संस्कार को गुपचुप ढंग से करने को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर सरकार ने कहा है कि कोई जल्दबाजी नहीं की गई। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि यह युवती के पिता का फैसला था।
उनके मुताबिक परिवार को गांव में संस्कार कराने का विकल्प दिया गया था लेकिन उन्होंने रविवार को सूर्योदय के बाद जल्द के जल्द दाह संस्कार किए जाने की इच्छा जाहिर की थी। सिंह ने कहा कि संस्कार के वक्त करीब दो सौ लोग मौजूद थे और सुबह 7:30 बजे का वक्त परिवार की इच्छा से पहले ही तय कर लिया गया था।