राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में आर्थिक सुधारों का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव को देते हुए कहा कि उन्हीं के सुधारों के बल पर भारत वर्तमान वैश्विक मंदी का सामना करने में सफल रहा।
जुबली हाल में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया समूह एचएमटीवी द्वारा आयोजित प्रथम पीवी स्मारक व्याख्यान देते हुए कहा कि उन्हीं के नेतृत्व में भारत एशियाई लीग का मुखिया बनकर उभरा। नरसिंह राव की ही अगुआई में भारत सुपर पावर बनने की राह पर अग्रसर हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका और पंजाब में आतंकवाद की समाप्ति और वहां लोगों की भलाई के लिए राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने का श्रेय भी पूर्व प्रधानमंत्री को ही जाता है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत से पहले प्रधानमंत्री नरसिंह राव बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे, जिनके प्रयासों से मनमोहन सिंह ने देश में आर्थिक सुधारों को लागू किया। इससे भारत वर्तमान वैश्विक मंदी का सामना कर सका।
राष्ट्रपति ने कहा कि पंजाब में शांति की बहाली और खालिस्तान के मुद्दे पर वहां दो बार 1989 एवं 1991 में स्थगित हो चुके चुनावों को नरसिंहराव ने संपन्न करवाया। राजीव-लोंगोवाल समझौते के बाद नरसिंहराव ने ही पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां फिर से शुरू कराईं।
उन्होंने कहा कि 1991 के चुनावों में मामूली बहुमत मिलने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री ने शासन करने को ही अपना मिशन नहीं बनाया बल्कि लोगों को साथ लेकर चलने को ही वह प्राथमिकता देते रहे।
महिलाओं की सुरक्षा को समर्पित करें नया साल
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए साल 2013 को महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा में सुधार के लिए समर्पित करने को कहा है। चलती बस में दरिंदगी की शिकार हुई लड़की को भी याद करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह समय आत्ममंथन करने का है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हम इस समय हम उस बहादुर लड़की के लिए शोकग्रस्त हैं। इसलिए हमें इस समय का उपयोग आत्मनिरीक्षण के लिए करना चाहिए, ताकि हम इस तरह की समस्याओं की जड़ में जाकर उसे दूर कर सकें। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि देशवासी इस साल कड़ी मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे।