अमर उजाला और चंडीगढ़ पुलिस गली क्रिकेट में खेलने वाले खिलाड़ियों को अब चंडीगढ़ में ही वैकल्पिक तौर पर ‘कानून का रखवाला’ बनाया जाएगा। जिन लोगों का इसमें चयन होगा उनको किसी भी सरकारी नौकरी में एनसीसी और एनएसएस की तरह का ही वेटेज मिलेगा।
इसके तहत यूटी पुलिस न सिर्फ इन युवा खिलाड़ियों को वर्दी देने पर विचार कर रही है बल्कि उनको भोजन भी देने की व्यवस्था करेगी। चंडीगढ़ पुलिस के मुखिया डीजीपी पीके श्रीवास्तव ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि ऐसे युवाओं की फौज तैयार करने की पूरी तैयारियां हो गई है। जल्द ही इस योजना पर सरकारी मोहर भी लग जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमर उजाला और चंडीगढ़ पुलिस ने गली क्रिकेट के माध्यम से जिस युवा शक्ति को चंडीगढ़ में पहचाना अब उसका और उपयोग किया जाएगा। जिस तरह से केरल पुलिस ने स्कूलों के बच्चों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स के तौर पर डेवलप किया है कुछ उसी तरह से चंडीगढ़ पुलिस भी गली क्रिकेट के खिलाड़ियों की अलग से फोर्स बनाएगी।
यह फोस शहर में न केवल पुलिस की मदद करेगी, बल्कि शहर में फैलने वाली तमाम बुराइयों पर कानूनी तौर पर लगने वाली लगाम में मदद भी करेगी। जो युवा शक्ति इस फोर्स में शामिल होगी उसका वर्दी से लेकर खाने पीने तक का इंतजाम कराया जाएगा।
यही नहीं इन युवाओं को एनसीसी और एनएसएस की तरह एक सार्टिफिकेट भी दिया जाएगा, जो कि इनके कैरियर के लिए बहुत फायदेमंद होगा। इस सार्टिफिकेट के आधार पर इन युवाओं को सरकारी नौकरी में वेटेज अंक भी मिलेंगे। डीजीपी श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह की अनूठी फोर्स को बनाने की तैयारी तकरीबन पूरी हो चुकी है। अब इसको यूटी प्रशासन के भेजा जाना है। उसके बाद इन युवाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा।