अभावों के बीच कड़ी मेहनत और लगन के जरिए यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में शिखर को चूमने वाले होनहारों के कदम अभी रुकने के मूड में नहीं हैं। जिंदगी में कुछ कर दिखाने का जज्बा अभी और रंग लाना चाहता है।
कोई इंजीनियर बनना चाहता है तो कोई डॉक्टर, कोई प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है तो कोई वैज्ञानिक बनकर देश के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में कुछ खास करना चाहता है।
इंजीनियर बनना चाहता है अमित
कुशीनगर जिले के चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज, सिसवा के छात्र अमित कुमार गुप्ता ने 96.4 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में तीसरा और जिले में पहला स्थान हासिल किया है।
अमित के पिता वंशीधर जूनियर हाईस्कूल में हेडमास्टर हैं। माता मालती देवी गृहिणी हैं। अमित माता-पिता की छह संतानों में सबसे छोटा है। हाईस्कूल में उसे 78.6 अंक मिले थे। अमित का कहना है कि वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है। उसका मानना है कि कठिन परिश्रम से कुछ भी असंभव नहीं है।
मेहनत से मिलती है मंजिल: सुमित
कुशीनगर के ही चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज, सिसवा के छात्र सुमित कमार यादव ने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उसका उद्देश्य आईएएस बनकर समाज को नई दिशा देना है। सुमित मूलत: देवरिया जिले का निवासी है।
उसके पिता आद्या प्रसाद यादव शिक्षक हैं। माता दुर्गावती देवी गृहिणी हैं। अपनी सफलता का श्रेय सुमित माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद को देता है। उसका मानना है कि कठिन परिश्रम की बदौलत कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
सही दिशा में परिश्रम जरूरी: अमन
महाराजगंज जिले के निवासी और पेशे से किसान अशोक पटेल के बेटे अमन पटेल ने 96 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वह भी चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज, सिसवा का छात्र है। उसकी इस उपलब्धि पर पूरा इलाका प्रफुल्लित है। अमन अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और दोस्तों के सहयोग को देता है। वह इंजीनियर बनकर समाजसेवा करने का इरादा रखता है। उसका कहना है कि सफलता की सीढ़ी चढऩे के लिए सही दिशा में कठोर परिश्रम करने की जरूरत होती है।
बिना ट्यूशन के हासिल की सफलता: गौरव
मेरठ जिले के टॉपर बने गौरव सिंह बिष्ट अपने स्वर्गीय पिता के सपने को पूरा करने का संकल्प लिए हुए है। गौरव के पिता शिवराज सिंह बिष्ट मंडी समिति में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, उनका छह साल पहले देहांत हो चुका है। शिवराज की जगह अब उनकी पत्नी कमलेश नौकरी करती हैं।
शास्त्रीनगर में रहने वाले गौरव सिंह बिष्ट का कहना है कि पापा का सपना उसे इंजीनियर बनाना था। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति का अहसास कर गौरव ने कोई ट्यूशन भी नहीं लिया। बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती मंदिर के इस होनहार छात्र का कहना है कि वह पहले इंजीनियर बनेगा और उसके बाद सिविल सर्विस पर ध्यान देगा।
गांव के छोरे ने जमाई धाक
मात्र एक अंक से मेरठ जिले का टॉपर बनने से चुके व्योम गुप्ता सरधना रोड स्थित छोटे से गांव दबथुवा के रहने वाले हैं। रोजाना गांव से सनातन धर्म इंटर कालेज, सदर आने वाले व्योम गुप्ता ने 500 में से 459 अंक प्राप्त कर धाक जमा दी।
विज्ञान वर्ग के छात्र व्योम के पिता अनिल गुप्ता गांव में छोटी सी मोबाइल की दुकान चलाते हैं। बगैर ट्यूशन के सेल्फ स्टडी कर टॉपर लिस्ट में शामिल व्योम का सपना इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर बनना है। बीटेक में प्रवेश न मिलने की स्थिति में वह डीयू से स्नातक करना चाहता है।
पायलट बनना चाहती हैं मोनिका
इंटरमीडिएट में अमरोहा जनपद टॉप करने वाली मोनिका सिंह का लक्ष्य पायलट बनने का है। अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को देने वाली मोनिका दिनभर में 14-15 घंटे पढ़ाई किया करती है।
गांव कुमराला स्थित एचसीएम इंटर कॉलेज के प्रबंधक सर्वेंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रवेश देवी अपनी पुत्री को मिली कामयाबी से गदगद हैं। मोनिका कहती हैं कि कामयाब होने के लिए लक्ष्य और पढ़ाई बेहद जरूरी है। एकाग्र मन से की गई पढ़ाई से ही आज वह इस मुकाम पर पहुंची।
आईएएस बनना चाहता है शिवम
किसान उपकारक इंटर कालेज के शिवम ने संभल जिला टॉप करने के साथ ही 95.6 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की है। कोटा में आईआईटी की कोचिंग करने गए शिवम कुमार का सपना आईएएस बनने का है। किसान पिता के बेटे ने प्रतिदिन सात-आठ घंटे तक नियमित पढ़ाई कर बोर्ड एग्जाम में सफलता अर्जित की है। उसका कहना है कि विषयों की समझ और रिवीजन से ही सफलता हासिल की जा सकती है।
मैथ का प्रोफेसर बनना चाहता है वीरेंद्र
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में रामपुर जिला टॉप करने वाले जानकी देवी इंटर कालेज के छात्र वीरेंद्र ने 94.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। गणित विषय में 99 अंक हासिल करने वाले वीरेंद्र का कहना है कि वह आगे चलकर मैथ का प्रोफेसर बनना चाहता है।
वीरेंद्र ने कहा कि नियमित पढ़ाई के साथ रिवीजन बहुत जरूरी है। बिना रिवीजन सफलता हासिल नहीं की जा सकती। वह रोज 15 घंटे पढ़ाई करता है। एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करना ही उसकी सफलता का कारण है। उसका पसंदीदा खेल क्रिकेट है। वीरेंद्र ने केमिस्ट्री में 96 और अंग्रेजी में 95 नंबर प्राप्त किए हैं।
आईएएस बनकर देश की सेवा करने का सपना
मुरादाबाद जिले की टॉपर पल्लवी ने माता-पिता के दिए हौसले के बल पर यह मुकाम हासिल किया। पल्लवी के मुताबिक, पिता कभी स्कूल नहीं गए, लेकिन हम भाई बहनों को हमेशा हौंसला दिया। हमारी पढ़ाई के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाया। उसी का परिणाम है कि आज मैं जिले में पहला स्थान हासिल कर सकी। अब मैं आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं।
गांव में रहने के कारण हमेशा परेशानी उठानी पड़ती थी। रात को बिजली नहीं आने पर लैंप जलाकर पढ़ाई करते थे। इसके बावजूद पापा हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित करते। मम्मी ने कभी घर के कामों के लिए दबाव नहीं बनाया। हाईस्कूल पास करने के बाद आगे की पढ़ाई में दिक्कत होने पर पापा ने मुरादाबाद में सरस्वती विद्या मंदिर में एडमिशन कराया।
यहां मैंने मौसी के घर रहकर पढ़ाई की। महीने में एक दो बार पापा मिलने आते थे। घर में तंगी के चलते कभी ट्यूशन भी नहीं पढ़ा। स्कूल के शिक्षकों के पढ़ाए गए पाठ पर ही ध्यान दिया। पापा का सपना पूरा करने के लिए जी जान से पढ़ाई की। अब मेरा सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करने का है।