सुप्रीम कोर्ट ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। स्टरलाइट पर यह जुर्माना तमिलनाडु में पर्यावरण संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में लगाया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कंपनी को यह जुर्माना पांच साल में तूतीकोरन डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को अदा करना होगा। ब्रिटिश कंपनी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का तमिलनाडु में कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट है।
जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट की वजह से पर्यावरण लंबे समय से प्रदूषित हो रहा है।
हालांकि कोर्ट ने स्टरलाइट को तूतीकोरिन में प्लांट बंद करने का निर्देश नहीं दिया। पिछले 14 साल से स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट यहां है।
इस मामले में 2010 में मद्रास उच्च न्यायाल ने टूटीकोरिन प्लांट बंद करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि इलाके में ऐसे पदार्थ वातावरण में घुल रहे हैं जिसका घातक असर होगा।
कोर्ट ने इस प्लांट को बंद करने का आदेश दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को अंतरिम राहत दी थी।
उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2010 को तूतीकोरन में अज्ञात गैस के रिसाव से लोगों को सांस लेने में परेशानी और संक्रमण का सामना करना पड़ा था।