बिलासपुर जिले के पेंड्रा और गोरैला में विभिन्न नसबंदी शिविरों में अब तक 18 बैगा महिलाओं के ऑपरेशन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
बुधवार को पेंड्रा से दो बैगा महिलाओं को बिलासपुर के छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) में भर्ती कराया गया था। जहां इनमें से एक की मृत्यु हो गई थी। बैगा संरक्षित जनजाति है।
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गुरुवार को बिलासपुर में अस्पताल का दौरा करने के बाद पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस घटना में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बिलासपुर आने से पहले मुख्यमंत्री ने रायपुर में ही एक उच्चस्तरीय बैठक ली थी, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल भी शामिल हुए थे। फिलहाल लग रहा है कि अमर अग्रवाल पर से संकट के बाद छंट गए हैं, लेकिन जांच के निष्कर्ष तय करेंगे कि अमर अग्रवाल का इस्तीफा होता है या नहीं।
अमर अग्रवाल छत्तीसगढ़ में भाजपा की बुनियादी जमावट करने वाले लख्खीराम अग्रवाल के बेटे हैं। मुख्यमंत्री रमन सिंह के राजनीतिक कैरियर में लख्खीराम अग्रवाल का बड़ा हाथ रहा है।