सत्याग्रहियों को केंद्र पर भरोसा नहीं है, इसीलिए अगर दिल्ली में तैयार ड्रॉफ्ट पर आज जयराम रमेश के आने बाद अंतिम दौर की चर्चा में बात बिगड़ती है तो वे दिल्ली कूच के लिए भी तैयार हैं। पहले तो इनके पास आगरा तक का ही राशन था। अब बुधवार को मथुरा तक का राशन भी मंगा लिया गया। इसके अलावा मथुरा में दिल्ली तक के राशन के भी पहुंचने की बात कही जा रही है।
हालांकि, दिल्ली में सहमति बनने और आगरा में उसकी आज जयराम रमेश द्वारा घोषणा की बात पूर्व निर्धारित है। समझौते पर हस्ताक्षर की भी बात ज्यों कि त्यों कायम है। पर, इस सबके बीच ग्वालियर में दूध से चले एकता परिषद के रणनीतिकार आगरा में छांछ भी फूंक-फूंककर पी रहे हैं। देर रात जनसत्याग्रहियों ने आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने की पूरा साजो-सामान जुटा लिया है। यहां तक कि लगभग 40 हजार लोगों के लिए राशन भी जुटा लिया गया। इसी के साथ जनसत्याग्रहियों ने अपने रुख को भी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के पहुंचने से पहले और कड़ा कर दिया है। वह उनसे अधिक से अधिक मुद्दों पर घोषणाएं कराने को दबाव बना सकते हैं।
ड्रॉफ्ट के 50 हजार प्रिंट लेकर आ रहे हैं जयराम
केंद्र सरकार सत्याग्रहियों से समझौते पर पूरी तरह से सावधान है। तभी तो केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में अंतिम वार्ता के बाद तैयार ड्रॉफ्ट की 50 हजार कॉपियां छपवा ली है। केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश वाया यमुना एक्सप्रेसवे सुबह 10.30 पर आगरा पहुंच रहे हैं और वह यह प्रिंटेड कॉपियां लेकर आ रहे हैं। इन्हें सभी सत्याग्रहियों में वितरित किया जाएगा।