राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को यौन शोषण के आरोपों में घिरे टेरी के निदेशक आरके पचौरी की गिरफ्तारी पर 26 फरवरी तक रोक लगा दी। पचौरी ने खराब सेहत का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अदालत ने जांच अधिकारी से इस पर जवाब मांगा है।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी ने पचौरी की जमानत याचिका पर जांच अधिकारी को नोटिस जारी कर 26 फरवरी तक जवाब मांगा है। अदालत ने जमानत के साथ संलग्न इलाज के कागजों की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत में पचौरी के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि वह अपने मुवक्किल के लिए केस के मेरिट व बीमारी के आधार पर अग्रिम जमानत मांग रहे हैं। अदालत ने बचाव पक्ष से पूछा कि आरोपी को क्या बीमारी है। इस पर लूथरा ने कहा कि उनके मुवक्किल को हृदय व मूत्र मार्ग में संक्रमण की समस्या है। सभी संबद्ध रिपोर्ट याचिका के साथ संलग्न हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद शिकायतकर्ता के वकील ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई का आग्रह किया। आरोपी पर शिकायतकर्ता को जबरन छूने और मारपीट के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी मंगलवार तक रिपोर्ट दे सकता है। गौरतलब है कि एक महिला कर्मी की शिकायत के आधार पर लोधी कॉलोनी थाना पुलिस ने आरके पचौरी के खिलाफ छेड़छाड़ संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया है।