सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड और उनके पति की गिरफ्तारी पर रोक को सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब यह मामला एक बड़ी पीठ को सौंप दिया है और जब तक यह पीठ इस मसले पर अपना फैसला नहीं सुनाती है सीतलवाड को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात सरकार ने कहा था कि तीस्ता सीतलवाड और उनके पति जावेद आनंद को गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि यह जांच की जा सके कि इस दंपति ने उस धन का दुरुपयोग किया था जिसे गुलबर्ग सोसाइटी के दंगा पीड़ितों की याद में एक म्यूजियम बनाने के लिए जुटाया गया था।
साल 2003 में अहमदाबाद में हुए इस दंगे के दौरान करीब 60 लोग मारे गए थे। गुजरात पुलिस का आरोप है कि सीतलवाड ने साल अपने एनजीओ के जरिए 2008 से 2012 के बीच 9.75 करोड़ रुपए जुटाए थे और उन्होंने इनमें से करीब 3.75 करोड़ रुपए ब्रांडेड कपडे, जूते और विदेश यात्राओं में खर्च कर दिए थे।