मुरादाबाद जंक्शन पर बुधवार को मालगाड़ी पलटने के मामले में स्टेशन मास्टर, ड्राइवर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही वरिष्ठ अफसरों की जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
डीआरएम प्रमोद कुमार ने गुरुवार को बताया कि शुरुआती जांच में हरथला स्टेशन मास्टर निर्मल सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर विनीत कुमार, लोको इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार, ड्राइवर राधे श्याम शर्मा और सहायक ड्राइवर मनीष राज की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
माल गाड़ी जिस तरह पीछे भागी (बैक रोल हुई), उसे देखकर लगता है कि पहियों को चेन से नहीं बांधा गया था। पहियों के नीचे गुटके भी नहीं लगाए। अगर ऐसा होता तो ट्रेन पीछे की ओर नहीं दौड़ती।
इसी को ध्यान में रखते हुए ड्राइवर और स्टेशन मास्टर सहित सभी पांचों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं, मामले की पूरी पड़ताल के लिए एक जे ग्रेड के अफसरों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जिसमें सीनियर डीओएम, सीनियर डीएसओ, डीएमई शामिल हैं।
जे ग्रेड की कमेटी करेगी मामले की जांच
कमेटी को एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थायी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे के मंडल मुख्यालय पर यह चर्चा रही कि निलंबन की कार्रवाई फौरी तौर पर की गई है।
जांच रिपोर्ट में अगर किसी का दोष सिद्ध होता है तो उसको बर्खास्त भी किया जा सकता है। रेलवे अधिकारी भी मानते हैं कि यह बड़ी चूक थी, जिसकी वजह से मुरादाबाद जंक्शन पर बड़ा हादसा हो सकता था।
दिल्ली से आई मेकेनिकल टीम ने किया मुआयना
बुधवार को मुरादाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर हजारों टन कोयले से लदी माल गाड़ी पलटने के बाद बड़ौदा हाउस में हड़कंप मच गया है।
चीफ मेकेनिकल इंजीनियर, चीफ रोलिंग स्टाक इंजीनियर और चीफ आपरेशन मैनेजर अमित वरदान गुरुवार को आनन-फानन में मुरादाबाद जंक्शन पहुंचे। दिल्ली से आए इन अधिकारियों ने उखड़ी हुई पटरी, बिखरे हुए वैगन और टूटे हुए इलेक्ट्रिक पोल का जायजा लिया।
राजधानी एक्सप्रेस का इंजन हुआ फेल, 7 ट्रेनें लेट
लखनऊ से नई दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस का इंजन बृहस्पतिवार सुबह हापुड़ और बाबूगढ़ के बीच काली नदी के पुल पर फेल हो गया। इससे बीच पुल पर करीब सवा घंटे तक ट्रेन खड़ी रही।
दूसरे इंजन से किसी तरह ट्रेन हापुड़ तक लाई गई और यहां भी करीब 35 मिनट तक खड़ी रही। इस तरह एक घंटा 50 मिनट बाद दूसरे इंजन की मदद से ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इस कारण सात ट्रेनें लेट गई। वहीं यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सवा आठ बजे लखनऊ राजधानी का पावर इंजन अचानक फेल हो गया। जिसके बाद चालक ने समझदारी का परिचय देते हुए ट्रेन को बाबूगढ़ की काली नदी के पास रोक लिया। ट्रेन के रुकते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
लखनऊ से दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस
इसके बाद राजधानी के चालक ने सूचना स्थानीय रेलवे अफसरों को दी तो वहां हड़कंप मच गया। रेलवे अधिकारियों ने गाजियाबाद से पावर इंजन को मंगवाया। इस दौरान करीब सवा घंटे तक राजधानी एक्सप्रेस काली नदी के पुल पर खड़ी रही। जिसके बाद पावर इंजन की मदद से ट्रेन को हापुड़ स्टेशन पर लाकर प्लेटफार्म नंबर-तीन पर रोका गया। यहां से करीब 35 मिनट बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
ये ट्रेनें हो गई लेट
राजधानी एक्सप्रेस का इंजन फेल होने से बरेली से चलकर नई दिल्ली की ओर जाने वाली बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस दो घंटे 15 मिनट की देरी से हापुड़ आई। रक्सौल एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से पहुंची।
संपर्क क्रांति, आला हजरत, काठगोदाम, संगम एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय काफी देरी से हापुड़ स्टेशन सकी। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को खासी दिक्कत हुई।