हैदराबाद के दिलसुखनगर में गुरूवार को हुए दो बम धमाकों से जहां सुरक्षा एजेंसियां सकते में हैं वहीं राजनीतिक दलों ने इन हमलों की कडी़ निंदा की है। प्रधानमंत्री ने इसे 'कायराना हमला' करार दिया है तो बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसकी गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। तो वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की काबिलियत पर ही सवाल उठा दिया है।
'हमले बर्दाश्त नहीं'
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतें शांति और सौहार्द्र में खलल डालने वाली हैं। ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।
'कायराना हमला'
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे 'कायराना हमला' करार देते हुए कहा कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पीएमओ की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने बम विस्फोटों की कड़ी निंदा की है। साथ ही लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की है।
'गंभीरता से हो जांच'
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने विस्फोट में शिकार हुए लोगों के लिए दुख प्रकट करते हुए ईश्वर से मृतकों के परिजनों को इस गम से लड़ने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने सरकार से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
'दुख का सामना करने की जरूरत'
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया कि यह वाकई में बेहद ही निंदननीय काम है। इस घटना पर मुझे गहरा दुख है। भगवान इस घटना में मारे गए लोगों की आत्मा को शांति दें और उनके घर वालों को इससे लड़ने की शक्ति प्रदान करें। देशवासियों को इस समय संगठित होकर इस दुख का सामना करने की जरूरत है।
संसद में चर्चा की मांग
पूर्व भाजपा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने इस हमले की निंदा करते हुए सरकार से प्रश्नकाल को स्थगित करके संसद में चर्चा कराने की मांग की है।
गृह मंत्री की काबिलियत पर सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की काबिलियत पर ही सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा है कि जब गृह मंत्री का प्रमोशन उनकी कार्यक्षमता के बजाए वफादारी पर हुआ है तो ऐसे में उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है?